इटवा । तहसील क्षेत्र के ग्राम चूही ग्रांट में आयोजित शोक सभा के दौरान मृत्युभोज की परंपरा को समाप्त करने पर जोर दिया गया। बौद्ध भिक्षु विवेकानंद और डॉ. जेपी बौद्ध ने कहा कि मृत्युभोज मनुष्य को पीड़ा देने वाली एक कुरीति है और इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। इस दौरान राधेश्याम गौतम, अनिल बौद्ध, अजय कुमार, राम जियावन, विश्राम, रूपचंद, जगलाल, रामलोचन, विजय बहादुर, संतकुमार, सूर्यबली, राधेश्याम आदि मौजूद रहे। संवाद