सभी ब्लॉकों में बीमार 100 गांवों के सैंपल की होगी बरेली में जांच
पहले लिए गए 32 सैंपल को नहीं भेजा जाएगा भोपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लंपी वायरस है या कोई और बीमारी। गायों की त्वचा में गांठ बनने वाली बीमारी हो रही है, इसकी जांच के लिए अब खून के साथ त्वचा का सैंपल भी लिया जाएगा। नई गाइडलाइन के कारण पहले लिए गए 32 गांवों के सैंपल को भोपाल में नहीं भेजा जाएगा। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी क्षेत्रों से 100 बीमार गायों का सैंपल लेने की तैयारी शुरू की है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीवन लाल ने बताया कि जिले के सभी पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के 4-4 बीमार गाय-बछड़े का सैंपल भेजें। पहले चरण में 32 सिरम सैंपल लिए गए थे, जिसे भोपाल भेजने से पहले ही नई गाइडलाइन आ गई।
एक गांव के तीन सैंपल
अब होल ब्लड के सैंपल को ईडीटीए, त्वचा और नाक के तरल पदार्थ का सैंपल लिया जाएगा। इसे जांच के लिए आरवीआई (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) बरेली में भेजा जाएगा। पशु पालन विभाग के निदेशालय की ओर से एटा से आए डॉ. भगवान सिंह एवं डॉ. सरनाम सिंह ने जिले में एक सप्ताह तक भ्रमण करके पशुओं की स्थिति देखी है। पश्चिमी उप्र में लंपी वायरस से हुई तबाही के दौरान उन्होंने बेहतर कार्य किए थे। अब वे निदेशालय को रिपोर्ट भेजेंगे।
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वर्जन
लंपी वायरस की जांच के लिए नई गाइड लाइन आ गई है। अब खून, त्वचा और नाक से निकले वाले तरल पदार्थ का सैंपल लिया जाएगा। सोमवार को गांवाें में जाकर सैंपल लिया जाएगा, जिसे जांच के लिए बरेली भेजा जाएगा।
-डॉ. जीवन लाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी