- मौसम का बदला रुख और ठंडा गरम पीने से गले में जकड़न के साथ ही बंद हो रही आवाज, बोलने में आ रही दिक्कत
- चिकित्सक नॉर्मल पानी और कम मसाले वाला भजन करने की दे रहे हैं सलाह
- हर परिवार में मिल रहे हैं इस प्रकार के रोगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर धूप से आकर ठंडा पानी पी रहे हैं तो सतर्क हो जाइए। क्योंकि यह तत्काल गले को पकड़ रहा है। गले में जकड़न के साथ ही आवाज भी नहीं निकल रही है। सीने में दर्द के साथ बुखार की शिकायत हो जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में बदलाव ने इस प्रकार की समस्या बढ़ा दी है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना से 20 से 30 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा देने के साथ ही ठंडा पानी और कोल्ड्रिंक, आइसक्रीम नहीं पीने की सलाह दे रहे हैं।
लू का प्रकोप जारी है और गर्मी से लोग बेहाल हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडी वस्तुओं का प्रयोग कर रहे हैं। जैसे धूप से आने के बाद एकाएक ठंडा पानी या कोल्डड्रिंक पी ले रहे हैं। आइसक्रीम खा रहे हैं ताकि राहत मिल जाए। लेकिन राहत के बाद यह लोगों की परेशानी बढ़ा दे रही है। इससे जहां सीने में जकड़न की समस्या हो जा रही है। साथ ही दर्द और भूख में कमी के साथ ही आवाज निकलने में समस्या हो रही है। जो एक दो नहीं, बल्कि हर परिवार में इस प्रकार की समस्या से लोग जूझ रहे हैं।
चेस्ट फीजिशियन के साथ ही नाक, कान और गला रोग के चिकित्सक के पास पहुंच रहे हैं, जो दवा के साथ ही बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
बोले विशेषज्ञ
मौसम बदला है, धूप से आने के तत्काल बाद लोग कोल्डड्रिंक और आइसक्रीम के साथ ही ठंडा पानी पी रहे हैं। जिससे जुकाम हो रहा है। इससे गले में इंफेक्शन हो जा रहा है, जिसका समय से इलाज जरूरी है। मरीजों को दवा देने के साथ ही बचाव की सलाह दी जा रही है।
डॉ. संजय कुमार शर्मा, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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धूप से आते ही लोग ठंड़ा पानी पी रहे हैं, जो सेहत के लिए बहुत ही नुकसानदेह है। जुकाम होने पर सीने में जकड़न हो जा रही है। जिससे दर्द के साथ बुखार की शिकायत हो जा रही है। अगर समय से इलाज न हो तो परेशानी और बढ़ जाएगी। मरीजों को दवा दिया जा रहा है। इसके साथ ही ठंडी वस्तुओं का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी जा रही है।
डॉ. सीबी चौधरी, फीजिशियन माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज