सिद्धार्थनगर। खुनियांव ब्लॉक परिसर में आईएसबी के सरकारी आवास में रखे अभिलेख के शाॅर्ट-सर्किट से जलकर नष्ट होने के मामले में तीन ग्राम सचिवों को निलंबित किया गया है। साथ ही सूचना नहीं देने पर राज्य सूचना आयोग के निर्देश पर पांच सचिवों के विरुद्ध केस दर्ज कराने के निर्देश डीएम पवन अग्रवाल ने दिए हैं।
खुनियांव ब्लॉक परिसर में 17 फरवरी को एडीओ आईएसबी के कक्ष में शाॅर्ट सर्किट से लगी आग में तीन ग्राम सचिवों के चार्ज में रहे 40 से अधिक ग्राम पंचायतों के अभिलेख जलकर नष्ट हो गए थे। मामले में सीडीओ जयेंद्र कुमार के निर्देश पर जांच कराई गई। जिसमें लापरवाही बरतते हुए अपने प्रभार की ग्राम पंचायतों के अभिलेख अविधिक रूप से आईएसबी जगनरायन चौधरी के सरकारी आवास में रखवाना तथा अभिलेखों का आवास में हुए अग्निकांड में नष्ट होने का दोषी पाया गया।
डीपीआरओ पवन कुमार ने अभिलेखों के रख-रखाव में लापरवाही पूर्वक कार्य करते हुए कर्मचारी आचरण संहिता का उल्लघंन करने के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी विकास चौधरी व यशवंत यादव को निलंबित कर दिया है। वहीं इन्हीं आरोपों में डीडीओ जीपी कुशवाहा ने ग्राम विकास अधिकारी अतुल कुमार यादव को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही सीडीओ जयेंद्र कुमार के निर्देश पर चल रही जांच में इस ब्लॉक में तैनात पांच ग्राम सचिवों को सूचना नहीं देने का दोषी पाया गया है। आयोग के निर्देश पर पांच सचिवों के विरुद्ध केस दर्ज करने का निर्देश डीएम ने दिया है। डीडीओ जीपी कुशवाहा ने बताया कि ग्राम सचिव हरेंद्र पांडेय, विकास कुमार चौधरी, पियूष कुमार पांडेय, अतुल सिंह यादव व राकेश पाठक के विरुद्ध केस दर्ज कराया जाएगा।
यह है मामला, इन्होंने किया जांच
मामला यह है कि आरटीआई कार्यकर्ता देवेश मणि त्रिपाठी ने जनसूचना के तहत खुनियांव ब्लॉक के पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों से जानकारी मांगी थी। जिसमें वांछित एवं पूर्ण अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने के मामले में सूचना आयोग की तरफ से संबंधित सेक्रेटरी के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। सीडीओ जयेंद्र कुमार ने सभी पांचों सेक्रेटरी के विरुद्ध जांच के लिए अलग-अलग बीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पांच टीमें गठित की थी। जिसमें संबंधित ब्लॉक के ही एडीओ पंचायत व लेखाकार सदस्य नामित किए गए थे। इसमें सेक्रेटरी हरेंद्र पांडेय की जांच बीडीओ इटवा, विकास कुमार चौधरी की जांच बीडीओ जोगिया, पियुष कुमार पांडेय की जांच बीडीओ भनवापुर, अतुल सिंह यादव की जांच बीडीओ डुमरियागंज व राकेश पाठक की जांच बीडीओ खेसरहा ने किया है। जांच में संबंधित सेक्रेटरी सूचना नहीं देने एवं अभिलेख गायब करने के दोषी पाए गए है।