सिद्धार्थनगर/लोटन। लोटन कोतवाली क्षेत्र के निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत मामले में सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। टीम यह जानकारी लेगी कि प्रसूता की कैसे और कहां से हुई लापरवाही में जान गई थी। टीम की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अस्पताल संचालक अस्पताल पर ताला और बोर्ड आदि उखाड़कर फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
क्षेत्र के एकडेंवा गांव के टोला मैनहिया निवासी अर्जुन के मुताबिक उसकी पत्नी अंजनी को बृहस्पतिवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे लेकर बनियाडीह प्रसव केंद्र पहुंचे, जहां उपचार के बाद नार्मल डिलीवरी हुई। ब्लीडिंग होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया। लेकिन गांव के ही आशा वर्कर के पति ने परिजनों को बहला फुसलाकर लोटन में संचालित होने वाले निजी अस्पताल पहुंचा दिए। वहां पत्नी अंजनी (22) को ऑपरेशन रूम में ले जाकर उसे पता नहीं क्या किया गया कि उसकी मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने उसे खून की कमी बताकर सिद्धार्थनगर के लिए भेज दिया। जबकि पत्नी की मौत अस्पताल में ही हो गई थी।
मृतका के पति ने यह आरोपी लगाते हुए लोटन कोतवाली में शिकायती पत्र दिया देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायती पत्र मिलने पर बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। मामले की जांच करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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अस्पताल संचालक बंद करके फरार
अस्पताल जांच के मामले में सीएमओ की तरफ से तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच का आदेश किया गया था। इसमें सीएचसी लोटन के अधीक्षक डॉ. एके चौधरी, डॉ. मोहसिन और सुधीर का नाम टीम है। डॉ. एके चौधरी ने बताया कि मौके पर जांच करने टीम गई थी। लेकिन ताला बंद कर मैनेजर व कर्मचारी फरार हैं। अस्पताल के तरफ कोई सहयोग नहीं किया गया।
जुड़वा बच्चे में एक की मौत, दूसरे को संभाल रही दादी
लोटन कोतवाली क्षेत्र के एगडेंगवा निवासी अंजनी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। इसमें प्रसव के बाद ही एक बच्चे ने दम तोड़ दिया था। जबकि एक सुरक्षित था। कुछ घंटे बाद निजी अस्पताल में अंजनी की मौत हो गई। इससे नवजात अलग पड़ गया है। बच्चे की दादी श्यामदुलारी ने बताया कि एक दिन के बच्चे को कैसे रखा जाए समझ में नहीं आ रहा है। बच्चे के लगातार रोने व बहू के मौत के बाद पूरा परिवार को झकझोर कर रख दिया है। पता नहीं ईश्वर को क्या मंजूर है। वहीं, बच्चे को रोता हुआ देखकर हर किसी का आंखें नम हो जा रही हैं।
शिकायत के बाद भी नही होती है कार्रवाई
ब्लॉक लोटन में हर वर्ष एक न एक हॉस्पिटल खुलता है जिसका न तो कोई मानक रहता है न तो किसी हॉस्पिटल पर प्रशिक्षित डॉक्टर व कर्मचारी रहते है। जिसके कारण घटना हो जाती है। गैर प्रशिक्षित कर्मचारियों के चलते कोई अपनी मां, कोई पत्नी, कोई अपने बच्चे की जान गवां देता है। फिर भी विभाग कार्रवाई करने से क्यों कतराता है। समझ के परे है। अभी चार महीने पहले ही लोटन में ही एक अस्पताल में लापरवाही के चलते इसी तरह ही जच्चा व बच्चा की मौत हो गई थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग जांच कर हॉस्पिटल को सीज कर दिया था। फिर भी अस्पताल चल रहा है।
निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत का मामला संज्ञान में आया है। मौत कैसे हुई, इसकी जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-संजय कुमार गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
तहरीर मिलने के बाद सूचना दर्ज कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी।
-विजय शंकर सिंह, थानाध्यक्ष लोटन