सिद्धार्थनगर। भारी वाहन का लाइसेंस कराने के लिए परेशान अभ्यर्थियों के लिए अच्छ खबर है। शासन की ओर से भारी लाइसेंस बनाने की रुकी प्रक्रिया शुरू हो गई। ऐसे मेें आवेदन भी शुरू हो गया है। इसलिए अब आसानी से लाइसेंस बन जाएगा।
भारी वाहन चलाने के लिए हैवी लाइसेंस शासन की ओर से लागू किया गया है। इस हैवी लाइसेंस के लिए वाहन टे्रनिंग स्कूल बड़े वाहन ट्रक, लारी और जेसीबी आदि का प्रशिक्षण लेने और उसका प्रमाण पत्र मिलने के बाद भारी बनाने का नियम था। प्रदेश में बड़े पैमाने पर ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल संचालित हो रहे। इसके बाद भी बड़े वाहनों से हादसे हो रहे थे। ऐसे में शासन की ओर से माना गया कि बिना प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है,जिसका नजीता है कि सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। इसे संज्ञान में लेते हुए शासन ने प्रदेश के सभी ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल का लाइसेंस निरस्त करके और नये नियम लगाते हुए स्कूल खोलने का फरमान जारी कर दिया।
विद्यालय बंद हुए तो प्रमाण पत्र जारी होना बंद हो गया। इसके बाद परिवहन विभाग के पोर्टल पर आवेदन भी नहीं हो पा रहा था। अभ्यर्थी आए दिन कार्यालय का चक्कर लगाकर परेशान होते थे। पूछने के लिए आते थे कि कब से काम शुरू होगा। अब ऐसे 400 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। क्योंकि एक ड्राइविंग स्कूल शुरू हो गया है और लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा। शोहरतगढ़ क्षेत्र के परसिया गांव निवासी विकास उपाध्याय ने बताया कि उन्हें मुंबई में बड़ा वाहन चलाना था। इसके लिए भारी लाइसेंस अनिवार्य है। वह लगातार कार्यालय के संपर्क में बने रहे। वह जोगिया निवासी बुद्धिराम ने बताया कि आवेदन न होने से परेशानी हो रही थी। इसं संबंध में एआरटीओ सुरेश कुमार ने बताया कि हैवी लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।