सिद्धार्थनगर। खुनियांव ब्लॉक परिसर में स्थित एक कक्ष में आग लगने की घटना में गांवों के अभिलेख जलने से संकट खड़ा हो गया है। घटना में तीन सचिवों के चार्ज में रहे 40 गांव के अभिलेख समेत परिवार रजिस्टर नष्ट होने से यहां के एक लाख से अधिक आबादी के समक्ष पहचान की संकट उत्पन्न हो गई है। हालांकि आग लगने की घटना की जांच शुरू हो गई है, लेकिन जब तक नए सिरे से परिवार रजिस्टर तैयार नहीं होगा, तब तक ग्रामीणों को राहत नहीं मिल सकेगी।
खुनियांव ब्लॉक में स्थित एक कक्ष में 17 फरवरी को लगी आग से ग्राम पंचायतों के अभिलेख जलकर नष्ट हो गए थे। मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी विकास चौधरी, यशवंत सिंह व ग्राम विकास अधिकारी अतुल सिंह यादव ने इटवा पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि शार्ट सर्किट से लगी आग से तीन आलमारी में रखे ग्राम पंचायतों के अभिलेख नष्ट हो गए।
गिरधरपुर गांव के प्रधान सुजीत कुमार व बरगदवा पूरब प्रधान अब्दुल समा का कहना है कि आग से कौन-कौन से अभिलेख नष्ट हुए है इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन अगर परिवार रजिस्टर व जन्म मृत्यु रजिस्टर नष्ट हो गया है तो दिक्कत होगी। परिवार रजिस्टर से गांव के लोगों के पूर्वजों एवं वर्तमान परिवार की पहचान तय होती है। मामला संज्ञान में आने पर डीपीआरओ पवन कुमार ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर तीन दिन के अंदर जांचकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उन्होंने टीम को मौके पर जाकर स्थलीय जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
इसलिए महत्वपूर्ण है परिवार रजिस्टर
मुखिया अथवा पिता के मृत्यु के बाद संपत्ति में बतौर वारिस नाम दर्ज कराने के लिए परिवार रजिस्टर ही सबसे महत्वपूर्ण अभिलेख होता है। इसके अलावा किसके संपत्ति में कितने वारिस है यह भी परिवार रजिस्टर से ही पता चलता है। साथ ही अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भी इसका प्रयोग होता है। ग्राम सचिव के पास परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत की परिसंपत्ति रजिस्टर, मनरेगा, केंद्र व राज्य वित्त समेत विभिन्न विकास कार्याें के अभिलेख होते है। आग में इनके नष्ट होने से संबंधित ग्राम पंचायत के लोगों को समस्या का सामना करना होगा।
अभिलेखों के गायब होने की चल रही थी जांच
सीडीओ जयेंद्र कुमार के निर्देश पर खुनियांव ब्लॉक में तैनात पांच ग्राम सचिवों से संबंधित गांवाें के अभिलेख गायब होने के मामले की जांच चल रही है। जिसमें केंद्र व राज्य वित्त की करोड़ों की धनराशि के हेरफेर करने संबंधी शिकायत हुई थी। शिकायतकर्ता देवेश मणि त्रिपाठी ने जांच संबंधी अभिलेखों के आग की घटना में प्रभावित होने के मामले की भी जांच करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कहीं भ्रष्टाचार छिपाने के खेल में तो अभिलेखों को नष्ट नहीं कर दिया गया। जिसमें परिवार रजिस्टर व जन्म मृत्यु पंजिका नष्ट होने से ग्रामीणों को सांसत झेलनी होगी।
आग लगने की घटना की विभागीय जांच के बाद रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जो आवश्यक अभिलेख नष्ट हुए होंगे, उन्हें तैयार करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-पवन अग्रवाल, डीएम