सिद्धार्थनगर। खरमास समाप्त होने के साथ सोमवार से शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। साथ ही जप, तप और दान का महीना वैशाख शुरू हो गया है।
अक्षय तृतीया, जानकी नवमी सहित कई तीज त्योहार वैशाख में मनाएं जाएंगे। पंचांग का दूसरा महीना वैशाख का विशेष महत्व है। मान्यता है कि वैशाख में जल दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। अन्न, सत्तू और गुड़ के दान का भी महत्व है। विद्वानों के अनुसार वैशाख में भगवान विष्णु एवं सूर्यदेव की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य के अनुसार ग्रहों के राजा सूर्य 13 अप्रैल को मीन राशि से मेष राशि में आ गए हैं। संवाद