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Siddharthnagar News: 30 लोगाें की गवाही से तय होगा मासूम के हत्यारोपित बाप-बेटी का फैसला

Sun, 01 Oct 2023 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। एक वर्ष पूर्व चार वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में जेल में बंद बाप-बेटी के भाग्य का फैसला 30 गवाहों के कोर्ट में गवाही पर निर्भर है। लालच में हुई हत्या के मामले में कोर्ट में चल रही सुनवाई में मृतक मासूम के पिता, बड़े पिता, 21 प्रत्यक्षदर्शियों, विवेचक, जेवर खरीदने वाले दुकानदार व पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक की गवाही होनी है।
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मोहाना थानाक्षेत्र के ग्राम बर्डपुर नंबर पांच के टोला परसा बेलहरी में 25 सितंबर 2022 को पड़ोसी के चार वर्षीय बच्चे शनि चौरसिया को ज्योति यादव एवं उसके पिता रामसिलन यादव ने हत्या करके सबूत मिटाने की नीयत से लाश को बोरे में भरकर बक्से में छिपा दिया था। युवती ने पहले हत्या का कारण मासूम की मां पर ताना मारना बताया था, लेकिन पुलिस की विवेचना में जेवर की लालच में हत्या का केस बना, जबकि इस मामले में उसके पिता के खिलाफ भी आरोप साबित हुआ।

मृतक मासूम के बड़े पिता प्रताप नारायन चौरसिया पुत्र रामनरेश ने मोहाना थाने पर लिखित तहरीर दी कि 25 सितंबर 2022 को मेरे छोटे भाई राजेश चौरसिया का चार वर्षीय लड़का शनि चौरसिया और साढ़े तीन वर्षीय मेरा नाती आर्यन एक साथ दोपहर में करीब एक बजे गांव के ही रामसिलन यादव पुत्र लोखई यादव के दरवाजे पर खेल रहे थे। उसका नाती आर्यन घर चला आया लेकिन शनि घर नहीं आया। वह लोग शनि की खोजबीन एवं तलाश करने लगे, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी कोई सूचना नहीं मिल पाई। तब हम लोगों ने आर्यन से पूछा तो उसने बताया कि वह लोग रामसिलन यादव के घर पर टीवी देख रहे थे। वह वापस आ गया लेकिन शनि वहीं रुक गया। शक होने पर वह लोग रामसिलन व उसकी पुत्री ज्योति (19) से पूछताछ की तो दोनों लोग इधर उधर की बात करने लगे और कुछ नहीं बताये। पुलिस ने ज्योति यादव एवं उसके पिता रामसिलन यादव के विरुद्ध हत्या एवं सबूत मिटाने के अपराध में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपितों के घर से ही बोरे में रखे मासूम के शव को बरामद किया। पुलिस ने 26 सितंबर को आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
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जेवर के लालच में हुई थी मासूम की हत्या
पुलिस की विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपितों ने मासूम के पहने हुए जेवरों को हड़पने की नीयत उसकी हत्या की थी। जिसके बाद उन्होंने सबूत मिटाने के लिए शव को बोरे में भरकर बाक्श में छिपा दिया था। वहीं पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार युवती ज्योति यादव ने बताया था कि मृतक मासूम के परिजन उसे अक्सर ताना दिया करते थे, जिससे बदले की भावना में उसने हत्या कर दी थी। वहीं पुलिस की छानबीन में मृत मासूम के पहने सोने के लॉकेट व चांदी के करधन की लालच में हत्या हुई थी, जिसे हत्यारोपितों ने ज्वैलरी के दुकानदार को बिक्री की थी। दुकानदार ने बताया कि वह युवती बुरका पहनकर छोटे बच्चे के साथ गहने बेचने आई थी और अपनी बेबसी बताते हुए 1620 रुपये में बच्चे का गहना बेचा था।
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दोबारा हुई विवेचना
घटना के विवेचक तत्कालीन थानाध्यक्ष मोहाना संतोष कुमार सिंह ने 27 नवंबर 2022 को मात्र हत्या एवं सबूत मिटाने के अपराध में चार्जशीट तैयार कर सीओ सदर के पास भेजा। जिस पर सीओ अखिलेश वर्मा ने जेवर की बरामदगी की जानकारी होने पर अभियोजन निदेशालय से इस संबंध में सलाह मांगी। वहां से मिले सलाह के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने चार्जशीट निरस्त करते हुए दोबारा विवेचना का आदेश दिया। जिसके बाद विवेचक ने फिर से विवेचना के दौरान 13 दिसंबर को मृत मासूम के जेवर हड़पने व उसकी बरामदगी की धारा जोड़ते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया।
सीजेएम श्रद्धा भारतीय ने 23 दिसंबर 2022 को मामले का संज्ञान लेते हुए सत्र परीक्षणीय पाकर सात जनवरी 2023 को सत्र न्यायालय को सुपुर्द करते हुए अभियुक्तों को 21 जनवरी 2023 को सत्र न्यायालय में हाजिर होने का आदेश दिया।जनपद व सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने न्यायिक कार्यवाही शुरू करते हुए 29 मार्च 2023 अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप तय किया। उसके बाद साक्ष्य की कार्यवाही शुरू हुई है। मामले में अभी कोई गवाही नहीं हुई है।

पीड़ित परिजनों को न्याय की उम्मीद
मृत मासूम के परिजनों को कोर्ट से जल्द न्याय की उम्मीद है, मृतक के पिता राजेश चौरसिया व बड़े पिता प्रताप नारायन चौरसिया का कहना है कि पुलिस की जांच से वह संतुष्ट है, अब उन्हें कोर्ट से न्याय की उम्मीद है।
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पत्रावली में साक्ष्य की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। साक्ष्यों का समन जारी हो चुका है। अति शीघ्र साक्ष्य की कार्यवाही करने की कोशिश की जा रही है। मुल्जिमों को न्यायालय से जमानत नहीं मिली है, वे तारीख पेशी पर जिला कारागार से आते हैं।
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-अखिलेश नारायण श्रीवास्तव, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी
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