जर्जर भवन के ढहने की आशंका में स्वास्थ्यकर्मी और मरीज भयभीत
न्यू पीएचसी डुमरियागंज का भवन हो चुका है अत्यंत पुराना और जर्जर
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। मानसून की पहली बारिश के बाद से डुमरियागंज में स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन की छत और दीवार से पानी टपक रहा है। जिससे अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी तथा मरीज और उनके तीमारदार परेशान हो रहे हैं। उन्हें जर्जर अस्पताल भवन के ढहने का भय सता रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों का आवासीय भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में है।
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियागंज का भवन काफी पुराना और जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। चिकित्सक टपकते पानी के बीच मरीजों का इलाज करते हैं। स्वास्थ्यकर्मी किसी तरह से डरे सहमे अपनी ड्यूटी पूरी करते हैं। इस समस्या से विभाग के आलाधिकारी अवगत भी है। बावजूद समस्या का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। डुमरियागंज विधायक द्वारा अस्पताल के पुनर्निमाण की स्वीकृति भी शासन से कराई जा चुकी है।
डुमरियागंज नगर के राजेश चौरसिया, शत्रुहन, अकबर, आकाश, अनिल, विशाल, सुनील कुमार आदि ने जर्जर भवन को ध्वस्त कराकर अस्पताल का पुनर्निर्माण करवाने की मांग शासन-प्रशासन से की है। इस संबंध में पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि जर्जर भवन को ध्वस्त कर पुनर्निर्माण के लिए कई बार लिखापढ़ी की जा चुकी है। उम्मीद है कि मानसून के बाद अस्पताल के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो जाए।
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जर्जर आवासीय भवन की छत गिर कर ध्वस्त
बुधवार को हुई बारिश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियागंज के परिसर में ही स्थित एक जर्जर आवास का छत अचानक भर भरा कर गिर गया। उसकी दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। दीवारें सार्वजनिक रास्ते की ओर लटकी हुई हैं जो कभी भी गिर सकती हैं। जिससे बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।