सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र की बाणगंगा नहर कैनाल पर 30 वर्ष पूर्व बने पुल काफी जर्जर होने के साथ उसकी रेलिंग भी टूट गई है, जिससे चलते हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बावजूद इसके लिए लोगाें की लाख फरियाद के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है।
शोहरतगढ़-चेतिया मार्ग पर खरगवार गांव के पास बाणगंगा नहर पर पुल का निर्माण हुए करीब 30 बर्ष बीत चुके हैँ। तीन वर्ष पूर्व सड़क का चौड़ीकरण किया गया है। जिसके चलते पुल और भी सकरा हो गया और पुल की रेलिंग भी टूट गई। पुल से होकर चार पहिया व दो पहिया वाहनों का आवागमन होता रहता है। पुल के सकरा होने और रेलिंग टूट जाने से कई बार वाहन चालक अपने वाहनों के साथ नहर में गिर कर चोटिल हो चुके हैं। बीते 17 मार्च को एक पिकअप पुल से टकरा के नहर में लटक गई, किसी तरह से लोगों की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया और सबको सुरक्षित निकाला गया। क्षेत्र के अनिल कुमार चौधरी, मेजर सिंह चौहान, अरुण कुमार उपाध्याय, विनोद कुमार उपाध्याय, किशोर, प्रधान सुनील कुमार, प्रधान धर्मवीर, जगदीश प्रसाद,मंटू चौधरी, प्रदीप कुमार, मंतन निषाद आदि ने नहर पर नया पुल बनवाने की मांग की है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई अभिजीत सिंह का कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण पीडब्ल्यूडी ने किया है और उस दौरान पुल का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे यह स्थिति बनी है। पुल निर्माण का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, स्वीकृति मिलने पर इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।