सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर हुआ अतिथि शिक्षकों का चयन
शिक्षकों की संख्या अधिक होने के कारण बेहतर होगी शिक्षा, मिले 26 शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में अब सभी विभागों में शिक्षकों की संख्या पूरी हो गई है। अब सभी विभागों में चार-चार शिक्षक हो गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए अतिथि शिक्षकों का चयन किया है। विश्वविद्यालय में 26 शिक्षकों का चयन हुआ है, जिसका परिणाम भी जारी हो गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानक के अनुसार एक विभाग में सात शिक्षक होने चाहिए, जबकि विश्वविद्यालय के स्थापना के समय ही एक विभाग में चार ही शिक्षकों के पद सृजित हुए थे। कम पद सृजित होने के बावजूद भी पांच विभागों में दो ही शिक्षक थे, जबकि लोक प्रशासन व प्राचीन इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में तीन-तीन शिक्षक थे। इनकी कमी अतिथि शिक्षकों का चयन करके पूरी की गई है। विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में 26 अतिथि शिक्षकों का चयन किया गया है।
विषय प्राचीन इतिहास में डॉ. राजकुमार गुप्ता, इतिहास में पुणेंद्र शंकर तिवारी, राजकुमार दुबे, लोक प्रशासन में विवेक कुमार शुक्ला, संस्कृत में गिरीश कुमार व डॉ अतरवासी, समाज शास्त्र में डॉ अल्का प्रवीण व डॉ भूमि मिश्रा, राजनीति विज्ञान में आदिती अग्नीहोत्री व ज्योति श्रीवास्तव, मनोविज्ञान में कु अन्नु प्रसाद व कु रोशनी सिंह, अर्थशास्त्र में रवि शंकर मद्धेशिया व सुधीर पांडेय, अंग्रेजी में देव प्रकाश पांडेय व सौरभ आजाद, वाणिज्य में पांच शिक्षक ज्ञानेंद्र विक्रम शाह, डॉ मनोज कुमार सिंह, सौरभ पांडेय, शुभम पांडेय, विजय कुमार चौरसिया, धर्मेंद्र सिंह, एमबीए में प्रतिक भट्ट व मुस्तक अली, बीबीए में दो शिक्षक मो इरफान खान, डॉ अंबुज श्रीवास्तव, बायोटेक्नालॉजी में डॉ सौरभ गुप्ता का चयन हुआ है, जबकि प्रतीक्षा सूची भी बनाई गई है।