मॉडल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और रेलवे कॉलोनी में निवास कर रहे कर्मचारियों को प्रतिदिन पेयजल की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। शिकायत के बावजूद विभाग के उच्चाधिकारियों ने समस्या का समाधान कराने में कोई दिलचस्पी अभी तक नहीं ली। इस कारण लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को पेयजल मुहैया कराने के लिए स्टेशन पर पानी की टंकी बनी है, लेकिन रखरखाव में लापरवाही के कारण अनुपयोगी साबित हो रही है। क्षेत्र के लोग रेल से सफर करना सुविधा जनक मानते हैं।
ऐसे में प्रतिदिन स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। लगातार तल्ख धूप से गर्मी का एहसास होने लगा है। ऐसे में स्टेशन परिसर पर पेयजल की सुविधा सुलभ न होने से यात्रियों को टिस रहा है। गरीब लोग बाहर निकल कर पानी की तलाश करते हैं, लेकिन बाहर भी पेयजल का कोई ठौर नहीं है।
पैसे वाले लोग स्टेशन के स्टॉल से बोतल का पानी खरीदकर प्यास बुझाते हैं। बताते चलें कि इस समस्या को लेकर करीब एक पखवारे पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक शिवशक्ति शर्मा के नेतृत्व में शिवपति पीजी कॉलेज के छात्र एकजुट होकर समस्या के समाधान की मांग स्टेशन मास्टर से की थी।
इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि भारतीय रेल विभाग में तैनात कर्मचारी भी इस समस्या से घिरे हुए हैं। इसके बावजूद भी विभाग के उच्चाधिकारी समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
ऐसे में कर्मचारियों समेत रेल से यात्रा करने वाले लोगों को यह समस्या झेलनी पड़ रही है। गड़ाकुल निवासी दीपक यदुवंशी, प्रधान श्याम सुंदर चौधरी, अभय सिंह, घनश्याम गुप्ता, प्रमोद गिरी, नंदलाल वर्मा, प्रगति पांडेय, सोनू, दुर्गेश अग्रहरि, पिंटू, विक्रम, सौरभ गुप्ता आदि यात्रियों ने समस्या का शीघ्र निराकरण कराने की मांग की है।