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Siddharthnagar News: फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड को भी कर दिया था बहाल

Mon, 18 Mar 2024 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। पूर्व बीएसए के फर्जी हस्ताक्षर से निजी विद्यालयों के मान्यता, उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति एवं वेतन भुगतान के मामले में दर्ज केस में कई खुलासे हुए है। शिकायतकर्ता ने बीएसए पर फर्जीवाड़े के निलंबित मास्टरमाइंड शिक्षक राकेश सिंह को बहाल करने का भी आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि फर्जीवाड़ा मामले में वर्ष 2019 में निलंबित हुए राकेश सिंह को अन्य किसी बीएसए ने बहाल नहीं किया, लेकिन वर्तमान बीएसए ने ही यह कार्य किया।
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मामला यह है कि संतकबीर नगर जिले के मेंहदावल थाना क्षेत्र के बेलबनवा गांव निवासी आरटीआई कार्यकर्ता विनोद प्रताप सिंह ने एडीजी स्पेशल टास्क फोर्स को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने निजी स्कूलों के फर्जी मान्यता, उर्दू शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति व वेतन जारी कराने वाले कर्मचारी को बीएसए संरक्षण दे रहे है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर एसटीएफ ने बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय, बीईओ कुंवर विक्रम पांडेय, कनिष्ठ लिपिक मुकुल मिश्र व लिपिक शिवसागर चौबे के विरूद्ध सिद्धार्थनगर थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने चारों के विरूद्ध साजिश रचने व धोखाधड़ी करने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके द्वारा पूर्व में की गई शिकायत पर वर्तमान बीएसए ने आरोपित कर्मियों पर कार्रवाई करने की जगह उन्हें संरक्षित करने का कार्य किया। जबकि इन कर्मियों पर फर्जीवाड़ा से संबंधित अभिलेखों के गायब करने का भी अंदेशा है। सोमवार को बीएसए कार्यालय पर धोखाधड़ी मामले में आरोपी बीएसए व संबंधित लिपिक नहीं दिखे।
जिले में मिल चुके है सौ से अधिक फर्जी शिक्षक
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में जिले में लंबे समय से चल रहे फर्जीवाड़े के तहत सौ से अधिक फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके है। जिन्हें बर्खास्त करने के साथ ही उनके विरूद्ध केस दर्ज कराने और गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई हो चुकी है। एसटीएफ ने इस मामले की जांच में जिले में तैनात रहे देवरिया निवासी शिक्षक राकेश सिंह को फजीवाड़े का मास्टरमाइंड बताते हुए गिरफ्तार किया था। वर्ष 2019 में निलंबित राकेश सिंह को वर्तमान बीएसए ने बहाल कर दिया था, जिस पर बवाल होने के बाद उसे फिर से निलंबित कर दिया गया।
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जांच में 15 स्कूलों को मिली थी संदिग्ध
शिकायतकर्ता विनोद प्रताप सिंह के आरोपों की विभिन्न स्तर से विभागीय जांच की गई थी। इसमें बीएसए द्वारा चार सितंबर 2022 को एडी बेसिक को भेजे पत्र में 15 विद्यालयों की मान्यता संदिग्ध होने तथा मान्यता संबंधित पत्रावली के अपने कार्यालय में अनुपलब्ध होने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद संबंधित कर्मी के विरूद्ध कार्रवाई नहीं किया गया और उसे संरक्षित करने का प्रयास किया गया। एसटीएफ की जांच में बीएसए को आरोपी कर्मी के संरक्षण देने के मामले में ही दोषी पाने के बाद केस दर्ज कराया गया है।
वादी के प्रार्थना पत्र की एसटीएफ की जांच के बाद बीएसएस समेत चार के विरूद्ध साजिश रचने व धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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प्राची सिंह, एसपी
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