शोहरतगढ़। नगर पंचायत शोहरतगढ़ स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में चल रही रामलीला के तीसरे दिन विश्वामित्र आगमन के प्रसंग का मंचन किया गया।
इस मौके पर अयोध्या धाम के आचार्य विमल शरण ने कहा कि पाप करने वाले और अधर्मी की उम्र काफी कम होती है। क्षणिक सुख पाने के लिए धर्म से हटकर पाप की राह अपना लेते हैं। विश्वामित्र मुनि आगमन प्रसंग पर मंचन करते हुए कहा कि विश्वामित्र जंगल में हवन-पूजन कर रहे थे। इसी बीच राक्षसों ने आकर हवन को भंग कर दिया। उन्हें काफी दुखी हुआ राक्षसों से रक्षा के लिए राजा दशरथ के पास गए और उन्होंने राक्षसों से रक्षा करते हुए यज्ञ को संपन्न कराया। विश्वामित्र ने रावण को श्राप देते हुए कहा कि राक्षसों के कुल का विनाश इन्हीं के वंशज दशरथ पुत्र पुरुषोत्तम श्रीराम करेंगे। श्रीराम व लक्ष्मण ने ताड़का राक्षसनी का एक ही बात से वृद्ध कर उसका उद्धार किया था। आचार्य ने कहा कि रामलीला मंचन से आपसी सौहार्द व राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत होती है और वह चरित्र वान व संस्कारित होता है। रामलीला मंचन के कलाकार राजकुमार, विष्णु पाठक, दीपक झा, राघवशरण आदि ने विश्वामित्र यज्ञ व पुरुषोत्तम श्रीराम व लक्ष्मण की सुंदर झांकी प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। श्रीराम के जयकारे से मंदिर परिसर भक्तिमय की आस्था में डूबा रहा। इस दौरान अभय प्रताप सिंह, टिंकू वर्मा, नंदू गौड़, मनोज कुमार सहित काफी संख्या में श्रोता आदि मौजूद रहे।