मोहर्रम की पांचवी तारीख पर हल्लौर सहित कई स्थानों पर आयोजित हुई मरसिया मजलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज क्षेत्र के शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में मोहर्रम को लेकर मरसिया मजलिस और नौहा मातम का सिलसिला जारी है। मोहर्रम की पांचवी तारीख पर सोमवार को आयोजित मजलिस में भारी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
हजरत इमाम हुसैन हर उस इंसान के लिए आदर्श हैं, जो हक और सच्चाई के रास्ते पर चलने का हौसला रखता है। उन्होंने कहा कि कर्बला में हजरत इमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ जो हक इंसाफ मानवता और दीन ए इस्लाम की हिफाजत के लिए जान की कुर्बानी दी। उसकी आज तक दुनिया में कोई दूसरी मिसाल नहीं मिलती।
उन्होंने लोगों से आवाह्न किया कि हमेशा नेकी और भलाई के रास्ते पर चलते हुए सभी लोगों के साथ अच्छे से पेश आया जाए। किसी का दिल न दुखाए और हमेशा अमन और शांति के साथ जिंदगी गुजारें, यही इस्लाम का भी मकसद और उद्देश्य है। इसे हर मुसलमान को अमल में लाना चाहिए। जाकिर ने मजलिस के आखिर में हजरत इमाम हुसैन की शहादत को बयां किया। जिसे सुनकर मजलिस में मौजूद सभी लोग हाय हुसैन, हाय कर्बला वालों की सदाएं बुलंद कर रोने लगेस पांचवी मोहर्रम पर हल्लौर के विभिन्न इमामबाड़ा और लोगों के घरों पर आयोजित मजलिस को मौलाना महफूज अली, मौलाना अली अब्बास, जाकिर जमाल हैदर, अजीम हैदर, जानसीन अहमद आदि ने भी संबोधित कर हजरत इमाम हुसैन के जीवन और उनके हक, सच्चाई, इंसाफ के पैगाम पर रोशनी डाली।