मेडिकल कालेज के इमरजेंसी में वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
सिद्धार्थनगर। जिले में गर्मी और लू का आलम ऐसा है कि लोग घरों में बैठे-बैठे भी बीमार हो जा रहे हैं। उल्टी और दस्त के शिकार मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक इस प्रकार के मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों का कहना है कि वह घर में थे, लेकिन कैसे लू लग गई। हमें पता ही नहीं चला। वहीं, चिकित्सक इसे मौसम का असर और तापमान में तेजी वृद्धि कारण बता रहे हैं।
मई माह लगने के बाद से लगातार गर्मी बढ़ रही है। पछुआ हवा के साथ लू आग से तरह से लोगों को झुलसा दे रहा है। चिकित्सक सलाह दे रहे हैं कि बाहर कम निकलें। लेकिन जो बाहर ही नहीं निकल रहे हैं, वह भी उल्टी, दस्त और बुखार के शिकार हो रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे में इस प्रकार के 15-18 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं ओपीडी में इनकी संख्या 50 से ऊपर पहुंच जा रही है। शुक्रवार को इमरजेंसी वार्ड में आए जोगिया क्षेत्र के निवासी रामहित ने कहा कि उनके पिता धूप की वजह से बाहर नहीं निकलते हैं। लेकिन बुखार के साथ उल्टी और दस्त हो रहा है। चिकित्सक ने बताया कि धूप लग गई है। यह सुनने के बाद रामहित चौंक गए। डॉक्टर ने कहा कि इस प्रकार के रोगियों की संख्या बढ़ी है। घर में भी अगर सही तरह से शरीर नहीं ढके हुए हैं और बरामदे में खुले में सोए हैं तो लू लग सकती है।
इसमें बच्चों और वृद्धजनों को बहुत ध्यान देने की जरूरत है। वहीं ओपीडी में डॉक्टर सीबी चौधरी के कक्ष में कई ऐसे मरीज देखे गए जो कई दिनों से इस बीमारी से ग्रसित हैं और कहीं बाहर घूमने नहीं जा रहे हैं। चिकित्सक इसे गर्मी का असर बता रहे हैं। इसमें बचाव बेहद जरूरी है। इस संबंध में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पताल में इलाज की व्यवस्था है। आने वाले हर मरीज का बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।
बचाव बेहद जरूरी
गर्मी और धूप के साथ तेज पछुआ हवा चल रही है। इसमें लू लगने की आशंका अधिक है। बहुत आवश्यक न हो तो बाहर कम निकलें। अगर निकलते भी हैं सुबह और शाम को निकलें। बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें। अगर उल्टी, दस्त शुरू हो रहा तो समझिए लू लग गई है। ऐसे में बिना देरी किए मरीज को अस्पताल पहुंचाएं। क्योंकि लगातार उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिससे मरीज को कई प्रकार की दिक्कत हो सकती है।
- डॉ. सीबी चौधरी, मावध प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज