संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। नायब तहसीलदार महबूब आलम पर 15 दिसंबर को जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बस्ती जिले के धौरहरा के मोहम्मद मोबिन खान और डुमरियागंज थाना क्षेत्र के मिश्रौलिया निवासी मोहम्मद सईद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल में रहने के दौरान वृद्ध आरोपी मोहम्मद सईद की तबीयत 25 दिसंबर को बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उन्हें माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें अगले दिन 26 तारीख को गोरखपुर मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। वहां हाल में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने अगले दिन किंग जार्ज मेडिकल काॅलेज लखनऊ रेफर कर दिया। वहां बंदी की किडनी में दिक्कत के कारण डायलिसिस हो रही है। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि जेल प्रशासन इस संबंध में कुछ भी बताने से इन्कार कर रहा है।
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यह है घटना क्रम
नायब तहसीलदार घटना के दिन मिट्टी खनन की जांच करने भवानीगंज थाना क्षेत्र के बनगवा नानकार गए थे। यहां संपूर्णानंद, सच्चिदानंद व विवेकानंद की भूमि पर खनन होते मिला। नायब तहसीलदार ने एसडीएम व तहसीलदार को फोन कर खनन के बारे में बताया तो जेसीबी को तहसील परिसर में लाने का आदेश मिला। उन्होंने जेसीबी को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो चालक ने उनके वाहन में टक्कर मार दी। मामले में भवानीगंज पुलिस ने दोनों आरोपितों को 16 दिसंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।