सिद्धार्थनगर। अगर दो दिन तक झमाझम बारिश हो जाए तो शहर के दो प्रमुख मार्ग खजुरिया रोड और नवीन मंडी मार्ग पानी में डूब जाएंगे। साथ की कई मोहल्लों व सरकारी कार्यालयों के सामने भी जलभराव हो जाएगा। सड़कों के किनारे नाले तो बने हैं, लेकिन कही गंदगी से चोक व क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, तो कहीं अधूरे पड़े हैंं। पिछले कई साल से मानसून के दौरान जलभराव से शहर जूझता है। अब जब मानसून में सिर्फ एक माह ही शेष बचे हैं, इन समस्याओं से निजात के कुछ उपाय होते नहीं दिख रहे हैंं। ऐसे में लोगों का कहना है कि शहर की नई सरकार ने अभी कुछ नहीं सोचा तो शहरवासियों को एक बार फिर से सांसत झेलनी होगी।
शहर के खजुरिया रोड किनारे बनी नाली कम क्षमता की होने से हर वर्ष बारिश में सड़क पर जलभराव रहता है, जिससे पैदल, साइकिल व बाइक सवार राहगीरों को सांसत हो जाती है। यहां तक कि इसके किनारे स्थित सिविल लाइन एपीजी अब्दुल कलाम नगर मोहल्ले के लोगों के घर में पानी घुस जाता है। उनका कहना है कि अगर चार घंटे भी मूसलाधार बारिश हो जाए तो शहर का मुख्य मार्ग जो उनके मोहल्ले से गुजरा है वह ही नहीं, लोगों के घरों में भी पानी घुस जाएगा। एक बार बारिश हुई तो दो से तीन दिन तक सड़क पर पानी ठहरा रहता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना दूभर हो जाता है। इसी मार्ग से लगभग पूरा शहर जिला मुख्यालय की ओर जाता है। यह शार्टकट रास्ता है। इससे लोग कुछ ही देर में कलक्ट्रेट, विकास भवन, जनपद न्यायालय या अन्य कार्यालयों तक पहुंच जाते हैं। अशोक मार्ग होकर जाने में पूरा शहर पार कर गुजरना पड़ता है। इससे जाम का भी शिकार हो जाते हैं। खजुरिया रोड से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। व्यापारिक प्रतिष्ठानों के अलावा सरकारी दफ्तर भी इस मार्ग पर है।
नवीन मंडी मार्ग : सड़क के साथ नाली भी क्षतिग्रस्त
शहर के दूसरे सबसे व्यस्त सड़क नवीन मंडी मार्ग किनारे बनी नालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। गंदगी से पटी सकरी नाली से जलनिकासी नहीं होने के कारण बारिश के समय राहगीरों की दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। यहां तक कि बगल में स्थित वन विभाग कार्यालय में जलभराव होने पर पंपसेट लगाकर इसी सड़क पर पानी निकाला जाता है। टूटी सड़क के गड्ढों में जलभराव होने से कई बाइक सवार गिरकर चोटिल होते हैं और उनके सामान का भी नुकसान होता है। मंडी से सब्जी खरीदने जाने अथवा वापस लौटने के दौरान कई लोग गिरकर चोटिल होते है। मोहल्लेवासी राकेश कहते हैं कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के समय बहुत परेशानी होती है।
डूबे रहते हैं कई सरकारी कार्यालय
बारिश के समय शहर में निचली भूमि पर स्थित कई सरकारी कार्यालय पानी में डूबे रहते हैं। पीडब्ल्यूडी, ड्रेनेज खंड सिंचाई विभाग, वन विभाग कार्यालय और पीएचसी नौगढ़ भवन के कक्ष व परिसर पानी से डूबे से रहते हैं। हालत यह रहती है कि इन कार्यालयों के कर्मचारी पानी में घुसकर कार्य करने अथवा ऑफिस आते हैं। पीडब्ल्यूडी, सिंचाई व वन विभाग कार्यालय में कर्मचारी कक्षों में जलभराव के बीच कार्य करने को मजबूर रहते हैं। वहीं पीएचसी नौगढ़ परिसर में पानी भरने से चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों की सांसत हो जाती है। इन कार्यालय परिसरों से पंपसेट लगाकर कई दिन तक पानी निकालने के बाद ही जलभराव समाप्त हो पाता है।
नए नालों का निर्माण पड़ा है अधूरा
शहर से जलनिकासी के लिए निर्मित हो रहे नाले अभी अधूरे पड़े हैं। मुख्य मार्ग किनारे पकड़ी पुलिया तक जाने वाला नाला अधूरा पड़ा हुआ है। उधर सोहांस मार्ग पर पिठनी पुल तक जाने वाला नाला भी अधूरा ही बना है। जबकि खजुरिया रोड किनारे बने नाले की क्षमता कम होने और उसे उचित स्थान तक निर्माण नहीं किए जाने के कारण शहर की जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त रहती है। सिविल लाइंस से निर्वाचित हुए सभासद धनंजय सहाय का कहना है कि शहर की जलनिकासी व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए और जलभराव से निजात पाने के लिए मास्टर प्लान बनाकर कार्य करने की जरूरत है, तभी इस समस्या का निदान हो सकेगा।
हल्की सी बारिश में भी नवीन मंडी मार्ग पर पानी जमा हो जाता है। टूटी सड़क पर जलभराव से जहां दुकानदारी प्रभावित होती है, वहीं आने-जाने में भी समस्या होती है।
मोहम्मद मुस्तफा, थोक सब्जी विक्रेता
खजुरिया मार्ग पर जलभराव से आवागमन में दुश्वारियां होती हैं, वहीं सड़क भी क्षतिग्रस्त होती है। जब तक उचित तरीके से नाली निर्माण नहीं होगा तब तक समस्या का निदान संभव नहीं दिख रहा।
- मेजर सिंह, निवासी भीमापार
क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत व सफाई कराई गई है। साथ ही कई नई नालियों के निर्माण का प्रस्ताव है, नए बोर्ड का गठन और सहमति के बाद इन पर कार्य शुरू कराया जाएगा। जिससे जलनिकासी की समस्या से शहरवासियों को राहत मिलेगी।
- मुकेश कुमार चौधरी, ईओ नगर पालिका
जलनिकासी नगर की प्रमुख समस्या है। कार्यभार संभालने के बाद संपूर्ण नगर के जलनिकासी व्यवस्था को सुधारने की दिशा में व्यापक योजना तैयार कर कार्य कराया जाएगा। नगर के लोगों को बारिश में समस्याओं से बचाने पर जोर दिया जाएगा।
- गोविंद माधव, अध्यक्ष नगर पालिका