- गड्ढे में तब्दील सड़क दे रही राहगीरों को दर्द, आने-जाने में परेशानी
-बांसी-धानी मार्ग स्थित सेमरा मुस्तहकम-बेलौहा बाजार जाने वाली सड़क का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। बांसी तहसील क्षेत्र के सेमरा मुस्तहकम से निकल कर बेलौहा बाजार को जाने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क यायोजना के तहत बनने वाली सड़क की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। नौ कराेड़ की लागत से बनने वाली सड़क के गड्ढे अब राहगीरों को दर्द दे रही है। क्षेत्र के लोगों ने जल्द से जल्द से सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
क्षेत्र के बांसी-धानी मार्ग स्थित सेमरा मुस्तहकम से निकलकर वाया मरवटिया होते हुए बेलौहा बाजार को जाने वाली 8.5 किमी लंबी सड़क को लगभग सात माह पूर्व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने एफडीआर करके छोड़ दिया है। सड़क पर लगे बोर्ड के अनुसार 8.5 किमी लंबी सड़क का निर्माण 901.51 लाख की लागत से नौ मई 2022 को शुरू हुआ। इसका काम आठ मई 2023 तक पूरा हो जाना था। बावजूद इसके सड़क अभी तक बनकर तैयार नहीं हो सकी। बारिश, के बाद सड़क पर उखड़ी गिट्टियों से उड़ती धूल के बीच अधूरी सड़क पर आवागमन करना राहगीरों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
विभाग के लापरवाही की यह कहानी विकास कार्यों के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। कार्यदायी संस्था पीएमएसवाई की तरफ से मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी वर्तमान में सड़क पर लगे बोर्ड के अनुसार लखनऊ की एक कंपनी को दी गई थी। लेकिन फर्म की तरफ से समय सीमा बीतने के बाद भी सड़क निर्माण का काम पूरा नही किया गया। यह सड़क सेमरा मुस्तहकम से निकलकर ब्लॉक मुख्यालय खेसरहा होते हुए जनपद संतकबीरनगर को जाती है। इस रास्ते प्रतिदिन लगभग पचास गांवों के लोगों का आना जाना लगा रहता है। इस रास्ते पर कई शिक्षण संस्थान भी हैं। बरसात के मौसम में सड़क पर बने गड्ढे एवं कीचड़ों के बीच से होकर पैदल एवं साइकिल से जाने वाले राहगीरों के ऊपर बड़े वाहनों से छींट पड़ती है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चे एवं बुजुर्गों को हो रही है।
क्षेत्र के घनश्याम शुक्ल, विजय कुमार, अनिल,महेश चतुर्वेदी, अरुण कुमार पांडेय, सुधीर, दीपक त्रिपाठी , पावन यादव, आशुतोष पांडेय आदि ने जल्द सड़क बनवाने की मांग की है।
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काम करवाने के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। मौसम में टेंपरेचर न मिलने के कारण काम नहीं हो पा रहा है। एफडीआर हो चुका है, केवल पेंटिंग करवाना है। यदि अभी पेंटिंग करवा दी जाए तो सड़क जल्द उखड़ कर टूटने लगेगा। मौसम सही होते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। उम्मीद है नवंबर तक सड़क कंप्लीट हो जाएगी।
-कमल किशोर, अधिशासी अभियंता (ईआरएस)
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पीएमएसवाई सेंट्रल गवर्नमेंट का मद है। हम लोग केवल प्रस्ताव भेजते हैं। उसके बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी करके बनवाने का काम पीएमएसवाई द्वारा करवाई जाती है।
जय प्रताप सिंह, विधायक बांसी
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बोले लोग
सड़क पर उखड़ी गिट्टियों के बीच साइकिल से यात्रा करने में काफी परेशानी होती है। साथ ही सड़क पर उखड़े नुकीले पत्थर लगने से अक्सर साइकिल पंचर हो जाती है, जिससे यात्रा करने काफी दिक्कत होती है।
-सभापति चतुर्वेदी, निवासी- ग्राम टिकुइया
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आधे घंटे में जितनी दूरी तय हो जाती है । उतनी सफर तय करने में घंटों से ऊपर लग जाते हैं । साथ ही यदि बाइक की रफ्तार जरा भी तेज की जाए तो सड़क पर उखड़ी गिट्टियों से फिसल कर गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे समय पर गंतव्य स्थान नहीं पहुंच मिलता है।
-हरि राम पांडेय, निवासी, ग्राम महुलानी