सिद्धार्थनगर। गड्ढामुक्ति अभियान गुजर जाने के बाद भी शहरियों को सड़क के गड्ढों में हिचकोले खाने से मुक्ति नहीं मिल सकी है। मुख्य मार्ग को छोड़ शहर की शेष 90 फीसदी सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनमें नवीन मंडी मार्ग, स्टेशन रोड और खजुरिया रोड जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इससे घर से निकलते ही अधिकांश शहरियों को सड़क के हर 50 कदम पर गड्ढों का दर्द झेलना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख मार्गों की दशा में सुधरने की जगह प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही है, सड़क के गड्ढे हर दिन के हिसाब से पसरते हुए बड़ा आकार ले रहे है। साथ ही बढ़ती जा रही है शहरियों की दुश्वारियां। सिहेंश्वरीपुरम निवासी अधिवक्ता शेषमणि प्रजापति जब भी कोर्ट के लिए घर से निकलते है तो उन्हें हर दिन सड़क के गड्ढों का दर्द झेलना ही पड़ता है। वह चाहे नवीन मंडी मार्ग से गुजरे अथवा स्टेशन रोड से। कुछ ऐसा ही हाल सरोजनीनगर मोहल्ला निवासी सरफराज का है, वह घर से निकल जैसे ही खजुरिया रोड पर चढ़ते है तो उन्हें गड्ढों से गुजरना ही होता है। चाहे वह शहर के मुख्य मार्ग की तरफ बढ़े अथवा विकास भवन, कलक्ट्रेट अथवा कोर्ट की तरफ जाए।
फोटो = सड़क की और सिसहनिया निवासी बिजली की
आठ वर्ष से नहीं मरम्मत, विलुप्त हो रही सड़क
शहर के सबसे प्रमुख मार्ग में शामिल दो किमी लंबे खजुरिया सड़क का पुनर्निर्माण आठ वर्ष पहले हुआ था। यह पक्की सड़क क्षतिग्रस्त होकर विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई। कई जगहों पर गिट्टियां गायब हो गई हैं और मिट्टी व कीचड़ पसरा रहता है। शहर के अधिकांश लोगों के लिए कलक्ट्रेट, विकास भवन व कोर्ट जाने वाले इस मार्ग को छोड़ अशोक मार्ग से आवागमन कर रहे है। सिसहनिया निवासी बिजली का कहना है कि सड़क का हाल यह है कि इससे गुजरने वाले अधिकारी तक अब इस तरफ से जाना छोड़ चुके है।
फोटो ::: सड़क की और व्यापारी मोहम्मद मुस्तफा
एक वर्ष पहले हुआ पुनर्निर्माण, अब गड्ढे में बदला
शहर के डेढ़ किमी लंबे नवीन मंडी मार्ग का एक वर्ष पहले पुर्ननिर्माण हुआ था। वह भी तब जब इसी मार्ग पर स्थित नवीन मंडी परिसर में विधानसभा चुनाव की मतगणना होनी थी। एक वर्ष बाद ही पीडब्लूडी की यह सड़क टूटकर गड्ढे में बदल चुकी है। जबकि यह शहर के सबसे व्यस्त सड़कों में एक है, जिससे लोग प्रतिदिन सब्जी खरीदने मंडी जाते ही है, साथ ही स्टेशन, सिंहेंश्वरी मंदिर जाने का भी यह वैकल्पिक मार्ग है। व्यापारी मोहम्मद मुस्तफा कहते है कि पीडब्लूडी की गड्ढामुक्ति अभियान शामिल इस सड़क के गड्ढे ज्यों के त्यों बने हुए है।
फोटो :: सड़क की दुकानदार फरियाद मेकरानी
प्रतिदिन बढ़ रहा गड्ढों का आकार
अतिक्रमण से सकरे हो रहे स्टेशन रोड की चौड़ाई भले ही कम हो रही है, लेकिन इसमें बने गड्ढों का आकार दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। पांच वर्ष पूर्व पुनर्निर्माण हुई डेढ़ किमी लंबी स्टेशन रोड पर ट्रेन और बस पकड़ने के लिए बस अड्डे पर जाने वालों की अच्छी खासी तादाद रहती है। लेकिन इसके मरम्मत की दिशा में कोई पहल होती नहीं दिख रही है। दुकानदार फरियाद मेकरानी कहते है रेलवे भूमि में बनी इस सड़क के रखरखाव का जिम्मा नगर पालिका के हिस्से में है, लेकिन स्थिति की जस की तस है।
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फोटो :: सड़क की वाल्मीकिनगर निवासी राजकुमार
सड़क खोद कर रहे जलनिकासी, गंदे पानी से गुजर रहे राहगीर
शहर के थरौली मोहल्ले में जाने वाली पांच सौ मीटर लंबी सड़क की बदहाली का आलम यह है कि इसके किनारे नाली नहीं बनने से सड़क खोदकर जलनिकासी की जा रही है। इस रास्ते से लोगों को प्रतिदिन सड़क पर बह रहे गंदे पानी से गुजरना मजबूरी है। इस सड़क पर स्थित प्रतिष्ठित स्कूल और निजी अस्पताल पर हजारों बच्चों एवं मरीजों का आवागमन होता है। वाल्मीकिनगर निवासी राजकुमार कहते है कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी इस सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी है।
अधूरी छोड़ी सड़क, बिखरीं गिट्टियों पर गुजर रहे राहगीर
पकड़ी बाजार। शोहरतगढ तहसील क्षेत्र के पकड़ी से नकाही बैलिहवा तक जाने वाली पांच किमी संपर्क मार्ग पर गिट्टियां बिखरी हुईं हैं। पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क पर गिट्टी डालकर निर्माण कार्य छह माह से अधूरा छोड़ देने से राहगीर आने जाने में दुश्वारियां झेल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी से 4700 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस मार्ग से पकड़ी, धनगढिया, भेडिहवा, टेढ़ी, बरैनिया, जखौलिया, नकाही गांव के लोगों का आना जाना हमेशा लगा रहता है। क्षेत्र के मोहम्मद नईम ने कहा कि बार-बार गुहार के बाद भी अधूरी सड़क पूरी नहीं हुई।
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सड़क पर खर्च करेगा पीडब्लूडी 21 व नगर निकाय 13 करोड
पीडब्लूडी को शहर समेत जिले की 101 सड़कों को गड्ढामुक्ति के लिए छह करोड़ खर्च करना था। अब जबकि गड्ढामुक्ति अभियान समाप्त हो चुका है, लेकिन सड़क में गड्ढे बरकरार हैं। साथ ही 60 सड़कों के पुनर्निर्माण पर 15.96 करोड़ खर्च करेगा। दोनों कार्यों के लिए नौ करोड़ से अधिक धन आवंटित हो चुका है। इसी तरह शहर समेत जिले के 11 नगर निकायों में सड़कों की दशा सुधारने के लिए 13 करोड़ रुपये डूडा से स्वीकृत हुए है। इसके बावजूद सड़कों की दशा में सुधार नहीं हो रहा है।
सड़कों को गड्ढामुक्ति अभियान के तहत मरम्मत किया गया है, जो सड़कें छूट गई है उन सड़कों के मरम्मत के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिसकी स्वीकृति होने पर मरम्मत कराया जाएगा। स्वीकृत नई सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है।
-जीतेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी