सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के भपसी गांव निवासी मांती को किसी और ने नहीं। बल्कि उसके भाई में ही डूबकर मरने के लिए हाथ पैर बांधकर बूढ़ी राप्ती नदी में बहा दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई। आए दिन रुपये चोरी कर लेती थी। गुस्से में आकर यह घटना हो गई। पिता के तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करके आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
क्षेत्र के सेमरा गांव के पास से गुजरने वाली राप्ती नदी में दो अगस्त को एक किशोरी का उतराता हुआ शव मिला था। शव की शिनाख्त बगल के ही भपसी गांव में निवासी राजेंद्र ने अपनी 14 वर्षीय पुत्री मानती के रूप में की थी। जब 31 जुलाई को वह लापता हुई तो उन्हें शव हुआ कि नदी में नहाते समय गहरे पानी में डूब जाने से उसकी मौत हो गई होगी। लेकिन जब शव बाहर निकाला गया तो हाथ पैर बंधा हुआ था, जिससे हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही थी। लेकिन कत्ल क्यों और कौन करेगा। इस बात को लेकर राजेंद्र परेशान थे। क्योंकि 14 साल की बच्ची ने किसका क्या बिगाड़ा है और क्यों मार देगा। यह सोचकर परेशान थे। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात सामने आने के बाद और संशय में पड़ गए थे।
पांच अगस्त शाम को इसी मसले पर चर्चा चल रही थी कि पुत्र धर्मेंद्र ने कहा कि उससे गलती हो गई। उसने ही रुपये चोरी करने को लेकर हाथ पैर बांधकर नदी में फेंक दिया था। जब यह सुने तो सभी होश उड़ गए। रविवार शाम को पिता ने थाने पर तहरीर देकर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस संबंध में एसओ मिश्रौलिया मोतीलाल ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर भाई के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में उसने नदी में फेंक देने की बात स्वीकार कर ली है।