शिक्षकों को शिक्षण के नए तरीके बताए
बांसी। बीआरसी सभागार में शिक्षकों को शिक्षण के नए तरीके बताए गए। खेसरहा बीईओ कमला प्रसाद ने शुक्रवार को दीप जलाकर चार दिवसीय निपुण भारत मिशन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। ब्लॉक संसाधन केंद्र सभागार में 50-50 के दो बैच में सौ शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
हालांकि कुछ कारणों से प्रशिक्षण के लिए निधारित समय सुबह नौ बजे के बजाय दोपहर 12 बजे से प्रशिक्षण शुरू हुआ। बीईओ कमला प्रसाद ने बताया कि शिक्षकों की कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण होते रहते हैं। सभी शिक्षक पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करें और इसका उपयोग अपने विद्यालय में करें, जिससे विद्यालय का प्रत्येक छात्र निपुण बन सके। प्रशिक्षण में बताया गया की शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से 2026-27 तक तीन वर्ष से नौ वर्ष तक उम्र के बच्चों में संख्यात्मक ज्ञान के साथ पढ़ाई में प्रवीणता के लिए यह राष्ट्रीय पहल है। इसके अलावा अन्य जानकारी दी। इस दौरान प्रशिक्षक जयप्रकाश नारायण, दिनेश कुमार, चंद्रभान, अरुण, दीपक कुमार, राकेश कुमार, सुमित कुमार आदि मौजूद रहे।
शिक्षण कार्य के लिए प्रशिक्षित हुए शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। ब्लॉक संसाधन केंद्र में शुक्रवार को आयोजित निपुण भारत मिशन के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक शिक्षकों व शिक्षामित्रों के चार दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को शिक्षण के बेहतर तरीें बताए गए। शिक्षकों को निपुण भारत मिशन के तहत साप्ताहिक गतिविधियों, शिक्षण योजनाओं, कार्य पत्रक भरने तथा ट्रैकर के माध्यम से चिह्नित करने की जानकारी दी गई।
समापन पर सभी शिक्षकों ने लिंक के माध्यम से टेस्ट दिया। प्रशिक्षक एआरपी मुस्तन शेरूल्लाह, कल्पना, प्रमोद कुमार, मनोज कुमार यादव व प्रवीण कुमार ने शिक्षकों को एमईपी 2020, निपुण भारत के उद्देश्य, दक्षताएं, आकलन, कोविड-19 के दौरान बच्चों के अधिगम क्षति, सीखने का सिद्धांत, भाषा शिक्षण पद्धति, डिकोडिंग, पठन, लेखन आदि विषयों पर चर्चा की। शिक्षण योजना अनुसार कार्य करने व कार्य पत्रक को भरने व ट्रेकर के माध्यम से आकलन करने के बारे में भी जानकारी दी गई। खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र प्रसाद की देखरेख में बीआरसी में 50-50 के दो बैच में प्रशिक्षण का प्रथम फेरा सम्पन्न हुआ। इस दौरान आशिक रजा खान, आशीष श्रीवास्तव, दयाशंकर पांडेय, मैनुद्दीन, सुनील कुमार, सिद्धार्थ कुमार, सुरेंद्र गुप्ता, शरद पाठक आदि मौजूद रहे।