एसडीएम डॉ ललित कुमार मिश्रा को मांगपत्र सौंपते शिक्षिकाएं।
सिद्धार्थनगर। अंतरजनपदीय स्थानांतरण से वंचित जिले में तैनात शिक्षिकाओं के समूह का शनिवार से जिलाधिकारी कार्यालय पर जारी धरना मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम डाॅ. ललित कुमार मिश्रा को सौंपने के साथ मंगलवार को समाप्त हो गया। धरने की अगुवाई कर रहीं वाराणसी जनपद निवासी सुषमा सिंह ने बताया कि उनके जैसे अन्य शिक्षिकाओं के स्थानांतरण में शासन ने भेदभाव किया है।
जिले से स्थानांतरण होने के उपरांत लगभग 90 शिक्षक अपने स्थानांतरित जिलों में नहीं गए हैं। इन लोगों के स्थान पर प्रतीक्षारत अन्य लोगों का स्थानांतरण किया जाए। वर्तमान में यह जिला आकांक्षी श्रेणी से बाहर है इसलिए पहले से रुके स्थानांतरण को विशेष रूप से अधिकाधिक लोगों को इसका फायदा दिया जाए। आरोप लगाया कि अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया में अपनाए गए भारांक क्रमश: सेवा वर्ष, असाध्य रोग, एकल अभिभावक, पति-पत्नी सेवारत, पुरस्कार प्राप्त शिक्षक, शिक्षिका, दिव्यांग में दिए गए कुछ मानकों में फेरबदल है जो संदेहास्पद है। मेडिकल बोर्ड का गठन जो भौतिक परीक्षण न करते हुए भारांक देकर अनुचित लाभ प्रदान किया जाना इस स्थानांतरण प्रक्रिया की शुचिता को धूमिल करता है। इस दौरान जनपद हापुड़ निवासी ज्योति, कानपुर की अर्चना दीक्षित, मथुरा की स्नेहलता, रायबरेली की ममता सिंह, जौनपुर की सुषमा, बागपत की सरिता, ग्रेटर नोएडा की रश्मि जायसवाल, इटावा की स्वाती, हापुड़ की संचिता मजूमदार, सुल्तानपुर की वंदना त्रिपाठी, कानपुर की आरती अग्रवाल, आरती चौधरी ने अनशन में मौजूद रहीं।