संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित 2262 परिषदीय विद्यालयों में नियमित साफ–सफाई, पीने के पानी व खाद्यान्न की आपूर्ति विद्यालय तक करने की मांग की गई। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष आदित्य शुक्ला के नेतृत्व में महासंघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को डीएम पवन अग्रवाल को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन के माध्यम से बताया कि शासनादेश के क्रम में सभी परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनता है। इसके लिए विभाग से आवंटित खाद्यान्न कोटेदार स्कूलों पर नहीं पहुंचाते हैं, बल्कि प्रधानाध्यापक को अपनी दुकान पर गल्ला देने के लिए बुलाते हैं। जबकि स्कूल तक गल्ला पहुंचाने के लिए विभाग से कोटेदार को भुगतान किया जाता है।
विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश प्राप्त होते रहते हैं। वर्तमान में सभी ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मी तैनात हैं लेकिन विद्यालय प्रांगण की नियमित सफाई नहीं होती है। इस कार्य के लिए अध्यापक को ही दोषी माना जाता है।
ज्ञापन में कहा कि सफाई कर्मियों को निर्देशित करें कि वह विद्यालय परिसर की नियमित सफाई हो। अधिकांश हैंडपंप दूषित पानी देते हैं या खराब हैं। ऐसे में बच्चों के समक्ष पीने के पानी का संकट खड़ा रहता है। इसे ठीक कराया जाना आवश्यक है। दूषित पानी पीने से बच्चों में संचारी रोग फैलने का खतरा बना रहता है।
इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवपाल सिंह, मनोज त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी सुरेंद्र गुप्ता, हरिशंकर सिंह, अंजनी झा आदि मौजूद रहे।