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सिस्टम सुस्त : अभी एक साल और झेलना होगा एनएच के गड्ढों का दर्द

Sat, 12 Aug 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। एनएच-730 पर फर्राटा भरने की आस लगाए लोगों को सड़क के गड्ढों का दर्द अभी एक साल और झेलना पड़ेगा। डेढ़ वर्ष पूर्व एनएच निर्माण के लिए पांच सौ करोड़ रुपये की संस्तुति के बाद एक वर्ष वन विभाग से एनओसी लेने में लग गए। जबकि एनएच बाईपास एवं चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण अभी बाकी है। बरसात बाद अगर इसकी प्रक्रिया शुरू भी होती है तो एक वर्ष पहले एनएच के इन गड्ढों से छुटकारा मिलना मुश्किल होगा।
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एनएच 730 पर उसका बाजार से जिला मुख्यालय और यहां से शोहरतगढ़ तक हर कदम पर गड्ढे हैं। इनमें पकड़ी चौराहे के आसपास कुछ ऐसे जानलेवा गड्ढे हैं, जिनमें फंसकर अनियंत्रित हो रहे वाहन तो क्षतिगस्त हो ही रहे हैं, चालक भी चोटिल हो जा रहे हैं। शुक्रवार को गड्ढे में गिरने से अनियंत्रित कार को किसी तरह संभालने के बाद व्यवसायी राकेश दत्त त्रिपाठी के मुंह से निकला कि आखिर कब इन गड्ढों से मुक्ति मिलेगी। वहीं, पास में खड़े दुकानदार वीरेंद्र उर्फ बबलू राय कहते हैं कि इन गड्ढों में आए दिन गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। दुकानदार मनोज राय का कहना था कि इसी मार्ग पर आगे बढ़ने पर महराजगंज और गोरखपुर जिले में सड़क दुरूस्त मिलती है, लेकिन पता नहीं किस कारण यहां की सड़क बदहाल पड़ी है।
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हर कदम पर हो रही देरी
केंद्र सरकार से पांच सौ करोड़ की लागत से एनएच-730 के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य डेढ़ वर्ष पूर्व स्वीकृत हुआ था। इसके बाद सड़क किनारे पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से एनओसी की प्रक्रिया शुरू हुई। विभागीय वेबसाइट बदलने और दोबारा एनओसी का आवेदन करने की प्रक्रिया में एक वर्ष की देरी हो गई। अब एनओसी मिली तो उसका बाजार और चिल्हिया में बाईपास निर्माण के साथ ही सड़क चौड़ीकरण के लिए कुछ स्थानों पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई है। इधर, बरसात का मौसम शुरू हो गया है, जिससे सभी कार्य तीन माह तक ठप रहेंगे। इसके बाद भूमि अधिग्रहित होने पर निर्माण शुरू होगा।
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प्रतिदिन क्षतिग्रस्त हो रहे वाहन, चोटिल हो रहे राहगीर
एनएच-730 पर उसका बाजार से शोहरतगढ़ तक 30 किमी दूरी के बीच स्थिति गड्ढों में गिरने अथवा फंसने से प्रतिदिन 50 से अधिक बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। इनमें 10 से 15 बाइक सवार मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने पहुंचते हैं। इसी तरह प्रतिदिन 15 से अधिक कारें गड्ढों में गिरने से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उसको मरम्मत के लिए भेजना पड़ता है। इसके साथ ही कई वाहन चालक पीठ, कमर और रीढ़ की हड्डी का दर्द झेल रहे हैं।

कहने को एनएच नाम दे दिया गया है। तीन वर्ष से सड़क के गड्ढों के कारण बाइक तो क्षतिग्रस्त हुई ही, कमर दर्द की बीमारी हो गई है। -सतीश कुमार सिंह, बेलवा निवासी
सड़क खराब होने से स्कूल आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। जगह-जगह गड्ढे होने से साइकिल तो खराब होती ही है, एक घंटे अधिक समय लग जाता है। -ज्योति विश्वकर्मा, छात्रा

खराब सड़क के चलते गड्ढों से बचकर स्कूल जाने और आने के दौरान हर समय हादसे का डर बना रहता है। पढ़ाई करने की मजबूरी में यात्रा करनी पड़ती है। -शालू पांडेय, छात्रा
जिला मुख्यालय पर आने-जाने में एनएच पर सनई चौराहे तक सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। इससे होने वाले दर्द के कारण अब बाइक चलाने की हिम्मत नहीं होती। -अरुण कुमार मिश्र, निवासी पकड़ी

एनएच चौड़ीकरण एवं बाईपास निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। बरसात बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उसे निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। -आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता एनएच
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