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हर्षोल्लास के साथ मनाई गई नाग पंचमी

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नाग पंचमी पर गांवों में झूला झूलते बच्चे। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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पेड़ों पर झूले पड़े, नाग देवता की हुई पूजा
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सिद्धार्थनगर। जिले में आस्था व उत्साह पूर्वक नागपंचमी का पर्व मनाया गया। गांवों में पेड़ों की डालियों में झूले डाले गए और खेल स्पर्धाएं भी हुईं। घरों में नागदेवता की पूजा हुई और पकवान बनाए गए। बेटियां ने जलाशयों में गुड्डा-गुड़िया को पीटकर मंगलकामना की।
डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र में परंपरागत रीति रिवाज से घर-घर में नाग देवता की पूजा अर्चना की गई। कई स्थानों पर कबड्डी का खेल हुआ और गांव में झूलों की धूम रही।
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घरों में महिलाएं सुबह ही तैयारी में जुट गईं। मीठी खीर और सेवइया बनाई गईं। बुजुर्ग महिलाओं ने आंगन में और दरवाजे के बाहर दोनों तरफ सर्प की आकृति बनाई। उसके बाद नाग देवता की भक्ति भाव से पूजा की गई और खीर-सेवई का भोग लगाया। शिव मंदिरों में भगवान शिव के साथ नाग देवता का अभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने नागपंचमी पर भगवान शिव व सर्प को दूध-लावा चढ़ाया।
नागपंचमी पर लगा मेला
शोहरतगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार, नागपंचमी पर मंगलवार को शिवालयों में भगवान शिव व उनके आभूषण नाग देवता को दूध लावा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की गई। महिलाओं ने सर्पों से रक्षा के लिए गाय के गोबर से सर्प की आकृति बनाकर पूजा-अर्चना की।
शोहरतगढ़ के डोई शिवमंदिर परिसर में परंपरानुसार मेला लगा। युवतियों ने कपड़े की गुड़िया बनाकर उसे घाट के पास रख दीं। बच्चे व युवकों ने गुड़िया को डंडे से पीटकर नाग पंचमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। मेले में दूर-दराज से आए भेड़ पालकों ने अपनी-अपनी भेड़ों को आपस में लड़ाया। जो भेड़ विजयी हुए, उसकी बोली लगाई गई। शौकीन लोग पालने के लिए भेड़ों को अपने घर ले जाते हैं। मेले में पुरुषों के साथ आई महिलाओं व बच्चों ने सर्कस, झूले का आनंद उठाया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस कर्मी जगह-जगह मुस्तैद दिखे।
बिस्कोहार प्रतिनिधि के अनुसार, नगर पंचायत बिस्कोहर सहित आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को नाग पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इसमें लड़कों ने गुड़ियों को पीटकर आनंद लिया, वहीं लड़कियों ने झूला झूल कर खुशी मनाई।
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जीवों पर दया कराने की मिलती है सीख
गायत्री परिवार के कौशलेंद्र पांडेय ने कहा कि इस पर्व से हमें सीख मिलती है कि भयंकर से भयंकर जीवों पर भी दया करनी चाहिए और उनको महत्व दिया जाना चाहिए। सांप एक भयंकर जीव तो है, पर वह लाभकारी भी है। अपने क्षेत्र के जीवों को खाकर हमारे पर्यावरण को संतुलित रखता है।
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