सिद्धार्थनगर। भनवापुर ब्लॉक में तैनात एक सफाई कर्मचारी को फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी करते हुए पाया गया। आरटीआई में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद डीपीआरो ने उसे निलंबित कर दिया है। जांच और लोग फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करते हुए पकड़े जा सकते हैं। इस मामले का खुलासा होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
आरटीआई कार्यकर्ता बृजेश पांडेय ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जिला पंचायत राज अधिकारी से सूचना मांगी कि भनवापुर ब्लॉक में तैनात सफाईकर्मी आजाद का अंक पत्र व स्थानांतरण प्रमाण पत्र का जांच कराया जाए। जिस पर संबंधित अधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण देने की मांग की गई थी, लेकिन उक्त सफाई कर्मी द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। जिसके कारण शिकायतकर्ता द्वारा दिया गया शिकायती पत्र सही पाए जाने पर डीपीआरओ पवन कुमार ने तत्काल प्रभाव से आजाद सफाई कर्मचारी को निलंबित करते हुए भनवापुर ब्लॉक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। इसके साथ चेतावनी दिया है कि बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय से बाहर नहीं जाएंगे। साथ ही साथ प्रश्नगत अनुशासनिक प्रकरण में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।