श्वेतिमा माधव प्रिया ने अल्पायु में ही श्रीमद्भागवत कथा, धार्मिक प्रवचनों एवं प्रेरक वक्तव्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा तथा नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी यह उपलब्धि गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
विश्व की सबसे कम आयु में सर्वाधिक कथा वाचन एवं प्रेरक वक्तव्य देने वाली अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास एवं कथा वाचिका श्वेतिमा माधव प्रिया का नाम एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने पर स्वर सागर संगीत विद्यालय, गोरखपुर में उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
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श्वेतिमा स्वर सागर संगीत विद्यालय की प्रभाकर द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। कार्यक्रम का आयोजन संस्था की प्रमुख एड. सुनिसा श्रीवास्तव के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि श्वेतिमा माधव प्रिया ने अल्पायु में ही श्रीमद्भागवत कथा, धार्मिक प्रवचनों एवं प्रेरक वक्तव्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा तथा नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी यह उपलब्धि गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
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श्वेतिमा वर्तमान में स्वर सागर संगीत विद्यालय में प्रभाकर द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। समारोह में संगीत शिक्षक अवनींद सिंह, सुनील कुमार श्रीवास्तव, रीतिका नन्द शास्त्री, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, समीर जसवाल , राखी बरनवाल, सुनिधि, किशोरी ईशान खरे सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।