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निलंबन का चाबुक भी बेकार, लगातार कर रहे खाकी को दागदार

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निलंबन का चाबुक बेकार, खाकी हो रही दागदार
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सोशल मीडिया पर घूसखोरी के चार मामले हुए थे वायरल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आम जनता में विश्वास और अपराधियों में डर का संदेश देकर समाज सेवा का दावा करने वाली पुलिस को महकमे के ही लोग दागदार बना रहे हैं। कम्यिुनिटी पुलिसिंग पर भले ही जोर दिया जा रहा है। मगर कुछ पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो अभद्र व्यवहार और भ्रष्टाचार से ऊपर नहीं उठ रहे हैं। विभागीय कार्रवाई और निलंबन का चाबुक भी इन पर बेअसर साबित हो रहा है। आए दिन पुलिस का दामन दागदार से होने का मामला प्रकाश में आ रहा है। 27 दिसंबर को घूसखोरी का मामला वायरल होने के बाद लोगों ने पुराने मामलों पर भी चर्चा शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इससे पूर्व जोगिया कोतवाली में एक तैनात एक सिपाही की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ तो एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया था। सिपाही के खिलाफ विभागीय चल रही है। सिपाही का वीडियो वायरल होने के एक सप्ताह बाद ही चिल्हिया थाने में तैनात एक दरोगा का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया वायरल हुआ। दरोगा जांच करने के नाम पर रुपये ले रहे थे। उन्हें भी एसपी ने निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए। ढेबरुआ थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों का एक युवक को बेरहमी से पीटने का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस अधीक्षक तक बात पहुंची तो दोनों को लाइन हाजिर कर जांच का आदेश दिया गया। गोल्हौरा थाने में तैनात एक दरोगा का वीडियो 27 दिसंबर को वायरल हुआ। दरोगा मामले में रिपोर्ट लगाने के लिए 25 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी उसे निलंबित कर दिया। इस बाबत एएसपी मायाराम वर्मा ने बताया कि गलती करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, जो भी मामले आए हैं। उनमें संबंधित के खिलाफ निलंबित की कार्रवाई की गई है। साथ ही विभागीय जांच भी कराया जा रहा है।
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