भनवापुर। शासन-प्रशासन के दावों के बाद भी गन्ना किसानों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। पिछले साल का 72 लाख रुपये बकाया भुगतान, चीनी मिल की ओर से न किए जाने से किसानों का गन्ने की खेती से मोह भंग हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के नाते किसानों ने गन्ने की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की सोची लेकिन मिल मालिकों के रवैये से उनके सपनों पर पानी फिर रहा है।
किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान न होने से उन्हें गन्ने की खेती करने में काफी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। गन्ना ही एक ऐसी फसल है, जिसे हम मजबूरी में चीनी मिलों को उधारी में देते हैं। गन्ने की फसल के एवज में जरूरत पड़ने पर कोई साहूकार य अन्य उधार खाद या बीज नहीं देता है, जिससे उन्हें खेती करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले साल का गन्ना मूल्य का बकाया नहीं मिला,जिससे रबी के फसल की बुवाई प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई के लिए फीस तक की व्यवस्था करने में दिक्कत हो रही है। मिल की मनमानी के कारण हर साल गन्ने का क्षेत्रफल कम कर रहे है।
-रामसेवक, गन्ना किसान
सरकार की ओर से बार-बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी चीनी मिल प्रबंधन, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान समय पर नहीं कर रहे हैं। कुछ न कुछ नया बहाना बना कर किसानों को लौटा दिया जाता है, जिससे उनकी आगे की खेती प्रभावित हो रही है।
-शिवशंकर चौरसिया, गन्ना किसान
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पिछले साल आई बाढ़ में धान की फसल बर्बाद हो गई थी, जिसका मुआवजा आज तक नहीं मिला। बकाया पैसा मिल जाता तो खेती में आसानी होती लेकिन गन्ना किसानों की परेशानी कोई नहीं समझ रहा है। उम्मीद थी कि गन्ने का पैसा मिल जाएगा तो सारे काम हो जाएंगे लेकिन चीनी मिलों की मनमानी से उनके सारे अरमानों पर पानी फिर रहा है।
-राम गोपाल तिवारी, गन्ना किसान
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सरकार भले ही गन्ना खरीद के 15 वें दिन किसानों को मूल्य भुगतान का दावा कर रही है, मगर जिले के गन्ना किसानों को चीनी मिल की मनमानी का दंश झेलना पड़ रहा है। पिछले साल बेचे गए गन्ना मूल्य का भुगतान अभी तक नहीं मिला, जिसके चलते गन्ने की खेती से उनका मोह भंग होता जा रहा है।
-बृजनंदन शुक्ला, गन्ना किसान
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वर्जन-
चीनी मिल रूधौली को गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद चीनी मिल प्रबंधन ने कार्ययोजना बना कर 15 जनवरी 2024 तक भुगतान करने को कहा है।
-रंजीत कुमार निराला, जिला गन्ना अधिकारी सिद्धार्थनगर