माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान और गणित को बढ़ावा देने का कवायद
छात्रों को पाठ्यक्रम समझने में होगी आसानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित विषय को बढ़ावा देने के लिए किट की मदद से पढ़ाई होगी। विद्यालयों को किट के साथ यूजर मैनुअल पुस्तिका भी दी जाएगी। शिक्षकों को किट में रखे उपकरणों के प्रयोग व शिक्षण कार्य विधि की जानकारी दी जाएगी, जिससे वह छात्रों को किट के माध्यम से बेहतर शिक्षा दे सके।
जिले के 10 राजकीय इंटर कॉलेजों में करीब एक हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। गणित व विज्ञान विषय से शिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को माइक्रोस्केल किट की मदद से शिक्षित करते हुए निपुण बनाया जाएगा। प्रत्येक किट के साथ पुस्तिका उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी सहायता से संबंधित विषय के शिक्षक-शिक्षिकाएं किट में रखे उपकरणों का प्रयोग करने के विषय में जान सकेंगे। माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी से तैयार पाठ्यक्रम लागू है। विज्ञान वर्ग के मुख्य विषयों गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान को आसान बनाने के लिए गणित और विज्ञान की किट तैयार कराई गई हैं। जो जल्द ही कॉलेजों को किट की आपूर्ति करते हुए शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाया जाएगा। इससे छात्र को पाठ्यक्रम समझने में आसानी होगी। वहीं, छात्र किट से पढ़कर शिक्षा में नवाचार भी कर पाएंगे।
छात्रों को पाठ्यक्रम समझने में आसानी होगी
वर्तमान पाठ्यक्रम में गणित और विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं को नित नए वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने में यह पोर्टेबल किट काफी मददगार साबित होगी। विज्ञान-गणित किट से प्रायोगिक कार्य करने की सुविधा मिलेगी। विज्ञान किट हाईटेक प्रयोगशालाओं में कम सामग्री खर्च करके पाठ्यक्रम के पाठ को समझने की राह भी आसान करेगी।
किट की ये हैं विशेषताएं
-विज्ञान व गणित किट पोर्टेबल होती है।
-किट का प्रयोग करने में प्रयोगशाला सामग्री बहुत ही कम खर्च होगी।
-शिक्षक पढ़ाते वक्त इसका प्रयोग आसानी से कर सकते हैं।
-छात्र-छात्राओं में नवाचार की जिज्ञासा का विकास होगा।
कॉलेजों को किट दी जाएगी। प्रत्येक किट के साथ उसकी यूजर मैनुअल पुस्तिका भी दी जाएगी। शिक्षक उपकरणों का सही से प्रयोग कर सकेंगे। गणित और विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राएं नित नए वैज्ञानिक नवाचार कर विज्ञान वर्ग के सभी मुख्य विषयों के लिए किट आई है।
-सोमारू प्रधान, डीआईओएस