सिद्धार्थनगर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 22 फरवरी से शुरू हो गई है। विद्यार्थियों ने सालभर मेहनत से पढ़ाई करने के बाद आप को बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार किया है। अब समय आ गया है कि परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के लिए वह आत्मकेंद्रित होकर मेहनत करें। लेकिन परीक्षा के दौरान ही शादियों में देर रात तक बैंडबाजा और डीजे की ऊंची आवाज से वह बेबस और लाचार हो गए हैं। प्रशासन ने सिर्फ दिशा निर्देश देने के बाद अपनी जिम्मेदारियोें से पल्ला झाड़ लिया है। उन्हें विद्यार्थियों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।
जब से शादियों का दौर शुरू हुआ है उसी दिन से बैंडबाजा और डीजे ऊंची आवाज में बज रहे हैं। नियम है कि परीक्षा के दौरान रात 10 बजे तक ही बैंडबाजा और डीजे बजा सकते हैं। वह भी 45 डेसिबल से ज्यादा न हो। लेकिन तीन से चार गुनी आवाज में डीजे बज रहा है। आवाज 120 से 250 डेसिबल तक पहुंच जा रही है। आवाज से पास से गुजरने वाली गाड़ी और उसमें बैठे लोग से थर्रा जाते हैं।
जब इनका यह हाल है तो घरों में बैठकर सुबह की परीक्षा की तैयारी करने वाले बच्चों का क्या हाल होता होगा। वह अपने आपको आत्मकेंद्रित नहीं कर पा रहे हैं। रोजाना शाम सात बजे से लेकर देर रात तक शहर डीजे के शोर से घिरा रहता है। शहर में चारों तरफ लगभग 14 लॉन और मैरेज हाॅल हैं। जहां प्रशासन की अनदेखी के चलते शादी के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तेज आवाज में लाउडस्पीकर और डीजे बजाए जा रहे हैं।
बोले विद्यार्थी
डीजे बजने से बहुत अधिक शोर होता है। रात में परीक्षा की तैयारी करते समय ऊंची आवाज के कारण रिवीजन नहीं कर पाते हैं। इसके कारण परीक्षा में नंबर कम हो सकते हैं।
- रोशनी, छात्रा, हाईस्कूल
रात आठ बजे से बैंडबाजा और डीजे की आवाज बहुत तेज हो जाती है। इस कारण कानों में दर्द तो होता ही है पढ़ाई नहीं हो पाती। देर रात तक आवाज होने के कारण परीक्षा पर प्रभाव पड़ रहा है।
- आकाश, छात्र, इंटरमीडिएट
बोले जिम्मेदार
संबंधित थानाें के एसएचओ को निर्देशित कर दिया जाएगा। यदि कोई नियमों की अनदेखी करता पाया जाएगा तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- ललित मिश्रा, एसडीएम सदर