सिद्धार्थनगर। ब्लड कंपोनेंट यूनिट बनने जा रहे ब्लड बैंक का मंगलवार को राज्यस्तरीय टीम ने बुधवार को निरीक्षण किया। देर शाम तक टीम बिन्दुवार जांच करती रही है। इसके बाद लाइसेंस जारी करने के लिए मुहर लगेगी।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज परिसर में चलने वाले ब्लड बैंक को ब्लड कंपोनेंट यूनिट बनाने की प्रक्रिया पिछले दो वर्ष से चल रही है। डेढ़ वर्ष पहले मशीन भी आ गया था, लेकिन इसके बनाए जाने की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई थी। इधर तेजी आया और मशीनें भी आ गईं। सारा काम पूरा कर लिया गया था। लाइसेंस जारी होने शेष है। लाइसेंस जारी होने से पहले यूनिट के मानक को देखा जाता है। राज्यस्तरीय टीम इसकी जांच करती है। इसके बाद लाइसेंस जारी होता है। इसकी जांच करने के लिए बुधवार को दो दिवसीय टीम जांच करने के लिए पहुंची। इसमें ड्रग इंस्पेक्टर नवीन कुमार और राज्य की ओर से भेजे गए ड्रग इंस्पेक्टर वरुण कुमार ब्लड बैंक पहुंचे। इसके बाद इन्होंने एक-एक करके मशीनों की जांच शुरू की। देर शाम तक दोनों अधिकारी कागज और मशीनों की जांच करते रहे। इसके बाद रिपोर्ट देंगे, तब जाकर लाइसेंस जारी होने का रास्ता साफ होगा। इसके शुरू हो जाने से एक यूनिट ब्लड में कई प्रकार के खून बनेंगे। इसमें प्लेटलेट, प्लाजा, सामान्य खून आदि शामिल है। इसके शुरू हो जाने से प्लेटलेट के लिए लोगों को अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।