तहसीलदार के विरोध में ने कोर्ट के बाहर दिया धरना
डुमरियागंज। बार एसोसिएशन डुमरियागंज के वकीलों ने शुक्रवार को तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और धरना दिया। तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग की। चेतावनी दी कि जब तक तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं हो जाता, वे न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
डुमरियागंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार डुमरियागंज पर वकीलों से अभद्रता करने का आरोप लगाया। कहा कि तहसीलदार कोर्ट में अधिवक्ता कार्य कर रहे थे। तभी एक गवाह के तेज बोलने पर तहसीलदार ने कोर्ट में होमगार्ड बुला लिया, जो अधिवक्ताओं को धक्का देते हुए कोर्ट में घुसा। उसका सभी अधिवक्ताओं ने विरोध किया तो तहसीलदार अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार करने लगे।
तहसीलदार उनका वीडियो बनाने लगे तथा अधिवक्ताओं के खिलाफ लिखा-पढ़ी करने की बात कही। अधिवक्ताओं का विरोध उग्र हो गया तो तहसीलदार ने पुलिस बुलवा ली।
अधिवक्ताओं ने धरना प्रदर्शन के बाद सर्वसम्मति से तय किया कि जब तक तहसीलदार का डुमरियागंज से स्थानांतरण नहीं हो जाता, तहसीलदार न्यायालय का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे।
अधिवक्ताओं ने बैठक में पास प्रस्ताव की प्रति डीएम, एसडीएम, तहसीलदार सहित संगठन के लोगों को दे दिया। इस दौरान बार एसोसिएशन के महामंत्री आशीष श्रीवास्तव, शिव शंकर चतुर्वेदी, इंद्रमणि पांडेय, राधेश्याम सिंह, राहुल सिंह, भारत भूषण, हरेंद्र कुमार मौर्य, रविशंकर पांडेय, जितेंद्र कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। वहीं, तहसीलदार अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि दुर्व्यवहार का आरोप पूरी तरह निराधार है। अधिवक्ता न्यायालय का कार्य चलने नहीं देना चाहते हैं। जबकि वह कोर्ट में नियमित रूप से बैठकर वादों का निस्तारण करने का काम करते हैं।