ग्राम प्रधान संगठन ने कलेक्ट्रेट परिसर में दिया धरना
सिद्धार्थनगर। जांच के नाम पर ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न बंद किया जाए, कई वर्ष से लंबित समस्याओं का निदान किया जाए। ये बातें राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र ने कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरने में कहीं। उन्होंने 21 समस्याओं के निदान के लिए डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्रक भेजा।
ताकिब रिजवी ने कहा कि वर्तमान में मंहगाई देखते हुए ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाया जाए। साथ ही बिजली बिल, पंचायत आपरेटर मानदेय, गोशाला में मजदूरी भुगतान के लिए अलग से धनराशि दी जाए। प्रधान दिनेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय एवं अन्य प्रशासनिक भवन का निर्माण ग्राम निधि से नहीं, मनरेगा से कराया जाए। प्रधान सोनू यादव ने कहा कि मनरेगा में मोबाइल मानीटरिंग, एमएमएस सिस्टम को समाप्त किया जाए।
धरना के बाद दिए ज्ञापन में पंचायत भवन, अमृत सरोवर एवं अन्य निर्माण कार्यों में 60:40 के अनुपात को जिला स्तर पर मिलान करने की मांग की गई। प्रधानों ने ग्राम सचिवों के स्थानांतरण ब्लॉक स्तर पर करने समेत ग्राम पंचायतों के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार बढ़ाने की मांग की। इस दौरान अखिलेश पांडेय, लालकुमार राय, विरेंद्र यादव, संजय, उमेश मौजूद रहे।