इटवा। तराई के शैक्षिक पिछड़ापन दूर करने के लिए सपा सरकार ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की स्थापना की। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सहयोग से बुद्ध की धरती पर विश्वविद्यालय बना। गोरखपुर विश्वविद्यायल का क्षेत्र बड़ा होने के कारण क्कितों का सामना करना पड़ रहा था। ये बातें विधायक माता प्रसाद पांडेय ने कही।
वे समाजवादी शिक्षक सभा की तरफ से राम मनोहर लोहिया डिग्री कॉलेज इटवा में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय पर केंद्रीत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तराई में शैक्षिक पिछड़ापन दूर करने की दिशा में विश्वविद्यालय बेहद जरूरी था। इससे न केवल बच्चे शिक्षित होंगे बल्कि रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।
आयोजक समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेंद्र मिश्रा ‘मशाल’ ने कहा कि आगामी 30 नवंबर को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का सातवां दीक्षांत समारोह है ऐसे में संस्थापक और इसके निर्माण की सृजन यात्रा को याद करना सामयिक और प्रासंगिक है। 2013 की समाजवादी सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ऐतिहासिक निर्णय और विधानसभा अध्यक्ष रहे माता प्रसाद पांडेय के भागीरथ सहयोग से विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया। इसके क्रम में सपा शिक्षक सभा 14 से 29 नवंबर तक सिद्धार्थनगर, बस्ती समेत छह जिलों में धन्यवाद अभियान चलाएगी। आयोजन की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. अष्टभुजा ने शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं आए हुए अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक अनिल सिंह, बेचई यादव प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, कमाल अहमद जिला उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव बहरईची प्रेमी, अभिषेक राजपूत, अजय चौरसिया, अमित यादव, पारस विश्वकर्मा उपस्थित रहे।