सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के भपसी गांव निवासी 14 वर्षीय मांती की हत्या से परिवार को जितना दुख हुआ है। उससे कहीं ज्यादा पीड़ा बेटे के कातिल होने से हुई है। कारण बेटी मौत होने से हमेशा के लिए दूर हो गई। तो बेटा बहन कातिल बनकर सलाखों के पीछे चला गया। इस घटना से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पांच हजार रुपये के लिए धमेंद्र मांती को मार देगा, यह कभी किसी ने सोचा भी नहीं था। उसके जेल जाने की चर्चा पूरे दिन होती रही।
क्षेत्र के भपसी गांव निवासी राजेंद्र के मुताबिक जब बेटी की लाश नदी से निकाली गई और हाथ पैर बंधा हुआ मिला। तभी मुझे शक हो गया था कि किसी ने बेटी को मार दिया है। किसने मारा और क्यों मारा ? इसकी चिंता मुझे खाए जा रही थी। पांच अगस्त की शाम को जब एक साथ बैठकर घटनाक्रम के बारे में जब चर्चा कर रहे थे कि इसी बीच धर्मेंद्र फफक कर रो पड़ा और बोला कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। यह सुनकर हम लोग चौंक गए कि इसको क्या हो गया। फिर रोते हुए उसने बोला कि हर दिन हमारे जेब से 100-200 रुपये चोरी कर लेती थी, जिसके लिए कई बार उसे समझाया भी था। एक साथ पांच हजार रुपये चुरा ली और पूछने पर मना करते हुए भड़क गई। इस बात पर उसे गुस्सा आ गया। उसे गुस्से में मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था। इसी बीच वह गांव के पास से गुजरने वाली नदी में पास गई थी। जहां अकेले देखकर उसे पकड़ लिया। इसके बाद हाथ पैर बांधकर नदी में फेंक दिया और घर चला आया। बेटे के मुंह से यह सुनकर आक्रोश बढ़ गया। कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर सोचा कि इसे जेल ही जाना ठीक है। तहरीर देकर केस दर्ज करवाया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया । हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। वहीं, मां और परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी मर गई और नालायक साबित हुए बेटे को जेल जाना पड़ा।