सोनूघाट। खाड़ी देश आबूधाबी में खुखुंदू थाना क्षेत्र के गांवों से कमाने गए युवकों के परिजनों की चिंताएं बढ़ने लगी है। हालांकि प्रतिदिन परिजन फोन से अपने चहेतों तो बात कर रहे है लेकिन ताबड़तोड़ राकेट दागने से वहां से लेकर यहां तक चिंता है। खुखुंदू क्षेत्र के अखनपुरा गांव निवासी झब्बू गुप्ता रामबहादुर गुप्ता सऊदी अरब के आबूधाबी में करीब एक वर्ष से अधिक समय से रहकर परिवार की माली हालत को ठीक करने में लगे है। करीब 20 वर्ष पूर्व पिता तेजू गुप्ता व 15 वर्ष पूर्व माता सिंगारी देवी के निधन के बाद पूरे घर की जिम्मेदारी तेजू गुप्ता के बेटे झब्बू गुप्ता के सिर आ गई। रिश्तेदारों के सहयोग से वह सऊदी अरब के आबूधाबी के एक निजी कंपनी में काम करने लगे। लेकिन युद्ध ने माली हालत सुधारने की मंशा पर पानी फेर दिया है। झब्बू गुप्ता के चचेरे भाई राजू गुप्ता भी करीब तीन वर्ष पूर्व सऊदी अरब के आबूधाबी के एक निजी कंपनी में हेल्फर के रूप में कार्य कर घर की माली हालत सुधारने में लगे है। चूंकि राजू के पिता घर पर मेहनत मजदूरी कर परिवार की जीविका चलाते है जबकि राजू की बहन रिंकी गुप्ता जो अविवाहित है उसके हाथ पीले करने का सपना लेकर तीन वर्ष पूर्व विदेश कमाने गए लेकिन इराक इजराइल युद्ध ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।