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तस्करों का जाल : चराते हुए कर देते हैं बाॅर्डर पार, पूछने पर कहते हैं भटक कर चले गए साहब

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एसएसबी 43वीं वाहिनी धनौरा ने जांच के दौरान अवैध तरीके से नेपाल ले जा रहे 50 बकरियों के साथ गिरफ
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। भारत से नेपाल में बकरियों की तस्करी रुक नहीं रही है। तस्कर आए दिन बाॅर्डर पार कराने की कोशिश करते हैं। पकड़े गए तो बोलते हैं साहब सीमा के बारे में जानकारी नहीं थी कि आगे नेपाल है। इसलिए चले आए और पकड़ लिए गए। वहीं, अगर सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचें तो आसानी से लेकर चले जाते हैं। 21 दिन में दूसरी बार बड़ी संख्या में 50 बकरियां एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी धनौरा के जवानों ने बृहस्पतिवार को पकड़ा। लिखापढ़ी करके उन्हें कस्टम को सुपुर्द कर दिया है। सूत्रों की मानें तो तस्करी के पीछे सबसे बड़ी वजह है कि भारत और नेपाल में रेट में बड़ा अंतर हैं। 300-400 रुपये प्रति किलो नेपाल में कीमत अधिक है। एक बकरे पर कम से कम नेपाल में चार हजार रुपये अधिक मिल जाता है, इसलिए तस्कर बकरे की तस्करी करने लगे हैं।

एसएसबी 43 वीं वाहिनी कमांडिंग अधिकारी यशवंत कुमार ने बताया की उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि सीमा पर स्थित पिलर संख्या 558 के समीप से बकरियों की तस्करी होने वाली है। मामले का संज्ञान में लेते हुए मुख्य आरक्षी चयन सिंह के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी बपन सिंह, विनोद कुमार और आरक्षी कन्नर विजय के साथ बताए हुए स्थान पर पहुंच गए। वहां देखा गया कि एक वाहन भारत से नेपाल सीमा की ओर जा रहा है। नाका दल द्वारा संदेह के आधार पर वाहन को रोककर चेक किया गया तो उसमें बकरियां पाई गईं। नाका दल द्वारा बकरियों से संबंधित कागजात मांगने पर वाहन चालक ने नहीं दिखा पाया। वाहन की तलाशी ली गई तो 50 बकरियां बरामद हुईं। पूछताछ करने पर तस्कर ने अपना नाम नजीम निवासी झोठू बंदरिया बाग जनपद बहराइच बताया। जो इन बकरियों को पिकअप से बहराइच से लाया था तथा नेपाल के मुजहनिया गांव में बेचने के लिए अवैध तरीके से ले जा रहा था। पूछताछ करने के बाद शोहरतगढ़ थाने को तस्कर सहित सुपुर्द कर दिया गया।
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300-400 रुपये प्रति किलो अंतर

सीमा से सटे नेपाल के चाकर चौड़ा में मीट शॉप चलाने वाले हबीब के मुताबिक भारतीय मुद्रा से एक किलो बकरे की मीट 1000-1100 रुपये में बिकता है। वहीं, भारतीय बाजार में बकरा बेचने शाकिर ने बताया कि 650-700 रुपये प्रति किलो की दर से बकरे का मांस बेचा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक बकरे की तस्करी इसलिए लोग कर रहे हैं कि यह आसान है। पकड़े जाने का डर कम है और रुपये बहुत अधिक है। अगर एक स्वस्थ बकरा या फिर बकरी नेपाल में लेकर पहुंच जाएं तो उसका वजन 18 से 20 किलो होगी। काटने के बाद मांस 13-15 किलो तक निकलेगा। इस औसत से अगर 300 रुपये प्रति किलो अधिक कीमत मिल जाए तो एक बकरे में 4500 से 5000 हजार रुपये मिल जाता है। अब सोचिए अगर 50 और 1000 की संख्या में पहुंचा रहे हैं तो कितना मुनाफा होगा। इसलिए सीमा पर बकरियों की तस्करी बढ़ गई है।

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21 दिन पहले ही पकड़ी गई थीं 90 बकरियां

एसएसबी 43 वीं वाहिनी सीमा चौकी चेरिगावा एवं पुलिस के जवानों ने संयुक्त टीम ने 30 अगस्त को 90 बकरियों साथ तस्करों को पकड़ा था। पकड़ा गया तस्कर बहराइच का रहने वाला था। पूछताछ में उसने बताया कि था कि गोंडा से बकरियों को लेकर आया था और नेपाल में पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।

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640 किलो पकड़ी गई थी मछली

एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी अलिगढ़वा के जवानों ने अवैध तरीके से भारत से नेपाल पिकअप से ले जा रहे 640 किलो मछली के साथ दो व्यक्तियों को पकड़ा था। तस्करी में दो लोग पकड़े गए थे। पूछताछ करने के बाद बरामद मछली सहित आरोपियों को ककरहवा कस्टम को सुपुर्द कर दिया गया। इससे पहले भी मछली और बकरियां कई बार पकड़ी गई, लेकिन मात्रा बहुत कम थी।
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बोले अधिकारी

भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए नाका पेट्रोलिंग के माध्यम से निरंतर प्रयासरत है एवं अवैध रूप से हो रही पशुओं की तस्करी को जब्त किया जा रहा है। पकड़ने जाने पर कार्रवाई की जा रही है।

-यशवंत कुमार, कमांडिंग अधिकारी एसएसबी 43वीं वाहिनी
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