सदर पुलिस और एसओजी की टीम ने शुक्रवार को सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन के पास से छह संदिग्धों को दबोचा। पकड़े गए आरोपी झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। पुलिस का दावा है कि यह भीड़-भाड़ और बाजार में लोगों की मोबाइल फोन चोरी करते थे और उसी से गूगल पे बनाकर साइबर ठगी करने का काम करते थे।
समय-समय पर दिल्ली क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर लोगों को धमका कर रुपये एठने का काम करते थे। इनके कब्जे से दिल्ली क्राइम ब्रांच की आईडी मिली है। धोखाधड़ी, चोरी सहित अन्य मामले में केस दर्ज करके न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्पेशल 26 फिल्म से भी ये प्रेरिता थे।
शहर कोतवाल संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि मोबाइल चोरी के कुछ मामले में सामने आए थे, जिसकी जांच में पता चला कि एक गिरोह जो बाजार और भीड़-भाड़ वाली जगह से लोगों के मोबाइल फोन को चोरी करने कार्य कर रहा है। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीम लगाई गई थी, जो मामले की छानबीन कर रही थी।
इसी बीच सूचना मिली की सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन के पास छह संदिग्ध मौजूद हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए चौकी प्रभारी पुरानी नौगढ़ अनूप कुमार मिश्र के साथ बताए हुए स्थान रेलवे स्टेशन सिद्धार्थनगर के दक्षिणी दिशा में निर्माणाधीन प्लेटफार्म से गिरफ्तार किया गया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रिंस कुमार, सुमित कुमार, रोनू कुमार, राजा कुमार चौधरी निवासी बाफर टोला महाराजपुर थाना तालझारी जिला साहेबगंज राज्य झारखंड, आनंद कुमार नोनिया निवासी चिनाकुरी तीन नंबर कोइलरी सिरीखद, राजू प्रसाद नोनिया पुत्र राजेन्द्र नोनिया निवासी धेमोमेन कोइलरी न्यू क्वार्टर खरमबाद थाना कुल्टी जिला वर्द्धमान राज्य पश्चिम बंगाल बताया।
इनकी ओर से मोबाइल चोरी करके गूगल पे नंबर बनाकर साइबर ठगी की जा रही थी। इसके साथ दिल्ली क्राइम ब्रांच का अफसर बनाकर लाेगों को धमकाकर वसूली करते थे। इनके कब्जे से कार्ड बरामद हुआ है। पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने दी यह जानकारी
पूछताछ में प्रिंस कुमार ने बताया कि वह अपने पांच अन्य साथियों सहयोगी सुमित कुमार, रोनू कुमार, राजा कुमार चौधरी, आनंद कुमार नोनिया व राजू प्रसाद नोनिया को जनपद गोरखपुर लेकर आता था। गोरखपुर में भट्टा चौराहा तिनकोनिया नंबर एक थाना पिपराइच जनपद गोरखपुर में किराये का कमरा लेकर रहते थे।
गोरखपुर के आसपास जिले संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज एवं कुशीनगर में साप्ताहिक लगने वाली बाजारों में जहां पर काफी भीड़-भाड़ होती थी। अपने साथियों से साप्ताहिक बाजार से मोबाइल चोरी करवाता था।
प्रिंस कुमार एवं उसके अन्य सहयोगी चोरी की मोबाइल से सिम निकालकर अपने मोबाइल में लगाकर गूगल पे एवं फोन पे बनाकर खातों से एक दिन के अंदर एक लाख रुपये खरीदे गए खातों पर भेज कर साइबर अपराध करते हैं। तथा लोगों को अपने को दिल्ली क्राइम ब्रांच का परिचय पत्र दिखाकर कर मुकदमा लिखाने का भय बनाकर रुपये वसूलते/रंगदारी मांगते थे।
चोरी की मोबाइल के सिम को गूगल पे, फोन पे से पैसा ट्रांसफर करने के बाद सिम को तोड़कर फेंक देता था एवं मोबाइल को झारखंड व पश्चिम बंगाल में ले जाकर सस्ते दामों में बेंच देते हैं। राजू प्रसाद नोनिया पर लखनऊ जीआरपी में केस दर्ज है।
यह सामान हुआ बरामद
19 चोरी के एंड्रॉयड मोबाइल भिन्न कंपनी के, दिल्ली क्राइम ब्रांच के छह कूटरचित परिचय पत्र, चार चोरी के एटीएम कार्ड, एक चोरी का आधार कार्ड, एक हजार रुपये आदि बरामद किया गया।