- जिलाधिकारी ने तीन साल की दिव्यांग बच्ची के इलाज का कराया इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी कार्यालय में बृहस्पतिवार सुबह 11.40 बजे तीन साल की दिव्यांग बच्ची को गोद में लेकर पहुंची महिला की बात करते ही आंखें डबडबा गईं। उसने बताया कि यह बच्ची दिव्यांग है। रुपये नहीं हैं, इसलिए इलाज नहीं हो पा रहा है। झुलसने के कारण इसकी मां की मौत हो चुकी है, जबकि मां की हत्या के आरोप में इसके पिता भी जेल में हैं। इतना सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उसकी मदद की।
जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार वाजपेयी को निर्देशित किया कि सरकारी योजना के अंतर्गत दिव्यांग बच्ची का नि:शुल्क इलाज कराया जाए, क्योंकि उसे मां-पिता दोनों का सहारा नहीं मिल रहा है। वह अपने पैरों से चल नहीं सकती है और उसे संभालने में दादी को भी मुश्किलाें का सामना करना पड़ रहा है। कुछ देर बाद ही सीएमओ कार्यालय के दो लिपिक मौके पर पहुंच गए। महिला ने बताया कि पूर्व जिलाधिकारी संजीव रंजन से उसकी बेटी के नाम से उसके नाम से रुपये जमा कराए थे, लेकिन उसके पास कोई कागजात नहीं है।
कलक्ट्रेट में फाइलें पलटी गईं तो पता चला कि उसके नाम से उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल कोष के उसके नाम से तीन लाख रुपये जमा हैं, और जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ही उसके संरक्षक हैं, लेकिन यह रकम उसे 18 वर्ष उम्र पूरी करने के बाद मिलेगी। जिलाधिकारी ने उसके भरण पोषण एवं शिक्षा के लिए आर्थिक प्रबंधन के निर्देश दिए हैं।