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खाते से बीमा प्रीमियम कटना आसान, क्षतिपूर्ति पाना मुश्किल m

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खाते से बीमा प्रीमियम कटना आसान, क्षतिपूर्ति पाना मुश्किल : किसानों से बीमा कंपनी ने ले लिया ३.४५ करोड़ प्रीमियम, क्षतिपूर्ति देने में आनाकानी : जलभराव की क्षतिपूर्ति के १४७ आवेदन बीमा कंपनी ने किए खारिज, ११८७ आवेदन पेडिंग परमात्मा शुक्ल सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खाते से बीमा कंपनियां प्रीमियम राशि काटने में देरी नहीं करती, लेकिन उनको क्षतिपूर्ति पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। खरीफ २०२० सीजन में जिले के ३७८१६ किसानों से ३,४५,७३,८०४ रुपये बीमा प्रीमियम लिया गया, लेकिन जिनकी फसलें क्षतिग्रस्त हुई उन्हें अब तक क्षतिपूर्ति की राशि मुहैया नहीं कराई जा सकी। जिन किसानों के बैंक में केसीसी के खाते है बीमा कंपनिया उन किसानों के खाते से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम राशि तत्काल काट लेती है। पूर्व में तो बीमा कंपनिया किसान के बिना सहमति के ही खाते से प्रीमियम राशि काट लेती थी, लेकिन अब सहमति के लिए मौका दिया जाता है। निर्धारित समय में सहमति या असहमति पत्र जमा न करने पर भी बीमा कंपनिया किसान के खाते से प्रीमियम राशि काट लेती है। वहीं किसानों के फसलों का नुकसान होने पर उन्हें बीमा कंपनियों से क्षतिपूर्ति पाना बेहद मुश्किल होता है। किसान मणिकांत तिवारी कहते है कि बीमा कंपनियों से क्षतिपूर्ति पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह बताते है कि १४७ किसानों ने जलभराव से फसलों को हुई क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन बीमा कंपनी उनका दावा खारिज कर दिया। वहीं बाढ़ से प्रभावित ४७ गांवों के ९६० किसान एवं पीलिया और हथिया रोग से फसल क्षतिग्रस्त होने वाले २८७ किसानों के क्षतिपूर्ति के आवेदन बीमा कंपनियों के पास पेडिंग पड़े हुए है। उन्होंने कहा कि क्राप कटिंग की रिपोर्ट मिलने के बाद बीमा कंपनिया अपने नियमों के अनुसार क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया शुरू करेंगी। ------------------- लक्ष्य से कम उत्पाद के सापेक्ष मिलती है क्षतिपूर्ति विभिन्न कारणों से नुकसान हुए फसल की क्षतिपूर्ति क्राप कटिंग में निर्धारित उत्पादन से कम उत्पादन होने के सापेक्ष क्षतिपूर्ति दी जाती है। क्राप कटिंग में खरीफ की फसल के लिए निर्धारित लक्ष्य ३०.९६ क्विंटल प्रति हेक्टेयर से कम पाए गए मात्रा की सापेक्ष किसान को क्षतिपूर्ति दी जाती है। इसी तरह रबी फसल मे निर्धारित लक्ष्य ४१.८९ क्विंटल प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष कम पाए जाने पर क्षतिपूर्ति दी जाती है। -------------------- मुआवजा तो मिला नहीं मिली क्षतिपूर्ति बाढ़ प्रभावित गांवों के किसानों को सरकार की तरफ से मुआवजा राशि दी गई, लेकिन बीमा कंपनियों ने उनको अभी तक क्षतिपूर्ति नहीं दी। एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि बाढ़ और जलभराव से प्रभावित १०३ गांवों के १४०४२ किसानों को सरकार की तरफ से क्षतिग्रस्त फसल का ४.३६ करोड़ रुपये मुआवजे की राशि दी गई है। कुछ के खाते गलत थे, उन्हें ठीक करा जल्द ही मुआवजा राशि भेजी जाएगी। --------------- बीमा कंपनी का वर्जन यूनिवर्सल सैंपो बीमा कंपनी के जिला समन्वयक अजय विश्वकर्मा ने बताया कि खरीफ २०२० में किसानों की क्षतिपूर्ति के लिए जिले से रिपोर्ट नहीं मिली है। जब क्राप कटिंग कर रिपोर्ट भेजी जाएगी, तब क्षतिपूर्ति की अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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