पकड़ी बाजार। क्षेत्र के बैलिहवा गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार की रात कथा वाचक पुरुषोत्तम दुबे ने दक्ष प्रजापति और उनकी पुत्री सती व शिव विवाह की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा के मानस पुत्र माने जाने वाले दक्ष प्रजापति ने अपनी पुत्री सती का विवाह भगवान शिव से करवाया, लेकिन यज्ञ में शिव का अपमान करने के बाद सती ने अपना देह त्याग दिया। इससे क्रोधित होकर शिव ने दक्ष के यज्ञ को नष्ट कर दिया और वीरभद्र ने दक्ष का सिर काट दिया। बाद में शिव ने बकरे का सिर लगाकर जीवनदान दिया।