पकड़ी बाजार। क्षेत्र के बैलिहवा गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार की रात कथा वाचक पुरुषोत्तम दुबे ने राजा परीक्षित के मोक्ष प्राप्त करने की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने राजा परीक्षित को दो बार बचाया। एक बार जब वे उत्तरा के गर्भ में थे और अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र चलाया था, तब उन्होंने गर्भ में प्रवेश कर परीक्षित की जान बचाई। दूसरी बार, जब राजा परीक्षित को सातवें दिन तक्षक नाग के डसने का श्राप मिला तो उन्होंने अपना शेष जीवन भागवत पुराण सुनकर और भगवान के ध्यान में लगाकर बिताया।