इटवा। विधानसभा क्षेत्र का प्रमुख कस्बा इटवा आजादी के बाद एक बस स्टेशन के लिए केवल घोषणाओं तक सिमटकर रह गया है। ऐसा तब है जब इसी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और विधानसभा अध्यक्ष तक रह चुके हैं। उन्होंने रोडवेज स्टेशन बनवाने की बात तो की, लेकिन आज तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इटवा कस्बे को बलरामपुर, बेलहा मोड़, इटवा, मेंहदावल, संतकबीरनगर व बढ़नी-इटवा-डुमरियागंज-मनौरी बस्ती मार्ग विभाजित करता है, जिसके चलते एक मार्ग से आने वाले राहगीरों को दूसरे मार्ग की बसों को पकड़ने के लिए बस पकड़नी पड़ती है। ऐसे में दूसरे मार्गों की बसों की प्रतीक्षा राहगीरों को फुटपाथों पर खड़े होकर अथवा बैठकर करनी पड़ती है। पहाड़पुर निवासी चिनकाऊ पाल कहते हैं कि विगत 20 वर्षों से रोडवेज के शिलान्यास की कोरी घोषणाएं सुनते आ रहे हैं। लेकिन, आज तक रोडवेज का शिलान्यास नहीं हो सका। मदरहवा निवासी अलीम कहते हैं कि यदि दूर-दराज जाने के लिए कस्बे में बसों की प्रतीक्षा होटलों, दुकानों और फुटपाथों पर बैठकर करनी पड़ती है। पहाड़ापुर निवासी इमरान अली कहते हैं कि यदि कस्बे में रोडवेज स्टेशन के बनने से लोगों के समय की बचत होगी और व्यवसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र इटवा से निर्वाचित विधायक दो बार विधानसभा अध्यक्ष, दो बार कैबिनेट मंत्री व एक बार स्वतंत्र राज्यमंत्री के पद को सुशोभित कर चुके हैं।