सिद्धार्थनगर। नेपाल में हुई बारिश से जिले की नदियों का जलस्तर सोमवार शाम तक बढ़ने से ग्रामीण सहमे नजर आए। हालांकि राप्ती नदी को छोड़कर अन्य नदियां मंगलवार को घटने लगी थी। वहीं राप्ती नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने से आसपास के ग्रामीण सहम गए है।
जुलाई माह में बारिश के साथ ही जिले की सभी नदियों का जलस्तर खतरे के लाल निशान पार कर गया था। उसके बाद सभी नदियाें का जलस्तर नीचे आ गया था। अब एक बार फिर से बीते दो दिन से जिले समेत नेपाल में हुई बारिश से एक बार फिर से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा। जिससे सभी पांचों तहसीलों में बाढ़ प्रभावित गांव के लोग सहम गए थे। राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी व बानगंगा नदियाें का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा था। लेकिन मंगलवार को बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी नदियों का जलस्तर घटने लगा। वहीं राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार करने के बाद भी धीरे-धीरे बढ़ता नजर आया। इससे डुमरियागंज व बांसी क्षेत्र में नदी किनारे के गांव के लोग एक बार फिर से बाढ़ की विभिषिका की आशंका को लेकर सहमे हुए है।
नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर सोमवार मंगलवार
राप्ती 84.900 84.06 84.09
बूढ़ी राप्ती 85.650 83.25 83.18
कूड़ा 83.520 80.83 80.63
घोघी 87.00 83.30 83.35
बानगंगा 93.420 93.40 93.40