डुमरियागंज। ग्राम पंचायत में सार्वजनिक शौचालयों के कुशल संचालन और स्वच्छता की निगरानी करने वाले ब्लॉक मुख्यालय में ही स्थिति बदहाल है। लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करने और हरियाली बढ़ाने को लेकर यहां बनाई गई अमृत वाटिका भी देखरेख और रखरखाव के अभाव में खराब हो गई है। ब्लॉक परिसर में ही इस घोर लापरवाही पर जिम्मेदार बीडीओ की नजर नहीं पड़ रही है।
डुमरियागंज ब्लॉक मुख्यालय में आने वाले महिलाओं और पुरुषों के लिए कार्यालय के पीछे एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवाया गया था। इस शौचालय के मरम्मत पर भी लाखों रुपया खर्च किया गया था। मगर यह शौचालय लोगों के किसी काम नहीं आ रहा है। वहां हमेशा ताला बंद रहता है। वहीं दूसरा सार्वजनिक शौचालय कुछ साल पहले ही बनवाया गया था। मगर यह शौचालय कूड़े करकट का ढेर बन गया है। ब्लॉक परिसर में ही एक मॉडल अमृत वाटिका का भी निर्माण किया गया है। मगर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण अमृत वाटिका में लगे पेड़ों के चारों तरफ घास फूस के झाड़-झंखाड उग आए हैं। उसे देखने से ऐसा लगता है कि यहां साफ-सफाई होती ही नहीं है। कूड़े-कचरे को वहां से दूर फेंकने की बजाय कार्यालय के पीछे एकत्रित कर दिया जाता है। जिससे उठने वाली सड़ांध और गंदगी से चबूतरों पर बैठना मुश्किल हो जाता है। डुमरियागंज बीडीओ अमित सिंह ने बताया कि वह क्या कर सकते हैं। ब्लॉक मुख्यालय पर एक भी सफाई कर्मचारी नहीं तैनात है। वह खुद ही साफ-सफाई करते हैं।