भारतभारी। डुमरियागंज क्षेत्र के किसानों को अपने फसलों को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए कड़ाके की ठंड में भी रात-दिन निगरानी करनी पड़ रही है। थोड़ा सा मौका मिलते ही छुट्टा पशु खेतों में झुंड के साथ घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा दे रहे हैं।
छुट्टा पशुओं के साथ-साथ नील गायों के झुंड भी खेतों में घुस कर फसलों को तहस-नहस कर देते है। कड़ाके की ठंड में जब लोग रजाई-कंबल में दुबके रहते हैं। उसी समय किसान खेतों में खड़ी फसल की रखवाली के लिए मेढ़ों पर रात बिता रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेतों से सड़क तक छुट्टा पशुओं ने आतंक मचा रखा है। छुट्टा पशुओं के साथ ही नीलगायों की भी संख्या अधिक है। जिनकी वजह से खेत बर्बाद हो रहे हैं।
क्षेत्र के खरगौला, बगडिहवा, मड़हली, जमैता, जमौती, बढ़या, चौकनिया, बेवा, समडा गांवों के आसपास की फसलों को बचाना किसानों के लिए काफी मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि इस क्षेत्र में गौशाला न होने के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।