सिद्धार्थनगर। नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में 13 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए प्री-ट्रायल बैठक हुई। उन्होंने बताया कि लोक अदालत न्यायिक व्यवस्था का एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जिससे जनता को त्वरित, सस्ता और सौहार्दपूर्ण न्याय प्राप्त होता है। यह वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली का एक सफल रूप है, जिससे न्यायालयों पर बोझ कम होता है और न्याय प्रक्रिया में विश्वास बढ़ता है। नोडल अधिकारी ने आगे कहा कि लोक अदालत में वे ही वाद शामिल किए जाएं, जिनमें समझौते की प्रबल संभावना हो। इसके लिए प्रत्येक न्यायिक अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे अपने न्यायालय में लंबित व विचारणीय मामलों की सूची तैयार करें और उनमें से उपयुक्त प्रकरणों का चयन करें। विशेष रूप से चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, वाहन दुर्घटना दावे, बैंक ऋण वसूली, बिजली बिल विवाद, श्रम संबंधी मामले को प्राथमिकता देने की बात कही गई।